Garlic Varieties: लहसुन की पहचान केवल एक मसाले के तौर पर ही नहीं, बल्कि एक बेहद फायदे वाली नकदी फसल के रूप में भी होती है। देशभर में इसकी मांग सालभर बनी रहती है, इसी वजह से इसे “सफेद सोना” भी कहा जाता है। रबी सीजन में यदि किसान लहसुन की टॉप किस्में—यमुना सफेद-3 (G-282), एग्रीफाउंड पार्वती (G-313) और ऊटी लहसुन—की खेती करें, तो कम लागत में बेहतरीन उत्पादन और लाखों की कमाई हासिल कर सकते हैं।
क्यों बढ़ी है लहसुन की डिमांड? Garlic Varieties
लहसुन की खपत सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आयुर्वेद, घरेलू दवाइयों, प्रोसेसिंग इंडस्ट्री और निर्यात में भी बड़े पैमाने पर उपयोग होता है। इसके लंबे समय तक सुरक्षित रखने की क्षमता किसानों को बाजार में सही समय पर बिक्री का फायदा देती है। ऐसे में हाई यील्ड वाली किस्में किसानों के लिए सोने पर सुहागा साबित होती हैं।
1. यमुना सफेद-3 (G-282): किसानों की पहली पसंद
यह किस्म आकर्षक सफेद छिलके और बड़े मजबूत बल्ब के कारण बाजार में सबसे ज्यादा पसंद की जाती है। प्रत्येक बल्ब में लगभग 15–16 कलियां मिलती हैं, जिससे इसका मूल्य बढ़ जाता है।
मुख्य विशेषताएं
प्रति हेक्टेयर 175–200 क्विंटल तक उत्पादन
120–140 दिन में तैयार
मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बेहद उपयुक्त
2. एग्रीफाउंड पार्वती (G-313): पहाड़ी इलाकों के लिए बेस्ट
इस किस्म का रंग गुलाबी होता है और प्रत्येक बल्ब में 10–16 बड़ी कलियां पाई जाती हैं। दवा और प्रसंस्करण उद्योग में इसकी बड़ी मांग रहती है।
मुख्य विशेषताएं
230–250 दिन में तैयार
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के किसानों के लिए खास तौर पर अच्छी
प्रति हेक्टेयर 200–225 क्विंटल तक उत्पादन
3. ऊटी लहसुन: प्रीमियम क्वालिटी की सुपरहिट किस्म
ऊटी लहसुन आकार में बड़ा, छीलने में आसान और देखने में आकर्षक होता है। इसके कंद सामान्य देसी लहसुन से लगभग दोगुने आकार के होते हैं।
मुख्य विशेषताएं
120–140 दिन में तैयार
मुख्य रूप से मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में खेती
मालवा और राजस्थान में लहसुन उत्पादन का 80–90% हिस्सा इस किस्म का योगदान
किसानों की कमाई कितनी होगी?
यमुना सफेद-3 (G-282) से औसत 175–200 क्विंटल/हेक्टेयर उत्पादन
यदि बाजार में न्यूनतम कीमत ₹3800 प्रति क्विंटल हो, तो आय लगभग
₹6,84,000 प्रति हेक्टेयर
एग्रीफाउंड पार्वती (G-313) और ऊटी लहसुन से भी किसान न्यूनतम कीमत पर
₹2,28,000 प्रति हेक्टेयर आसानी से कमा सकते हैं













