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हरियाणा में मशरूम खेती को बढ़ावा, सब्सिडी बढ़ाकर 12 लाख रुपये प्रति यूनिट

On: December 27, 2025 7:54 PM
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हरियाणा में मशरूम खेती को बढ़ावा, सब्सिडी बढ़ाकर 12 लाख रुपये प्रति यूनिट
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हरियाणा सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में एक अहम फैसला लिया है। राज्य में मशरूम प्रोडक्शन यूनिट और मशरूम कंपोस्ट यूनिट लगाने वाले किसानों को अब पहले से ज्यादा आर्थिक सहायता मिलेगी। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इन दोनों यूनिटों पर मिलने वाली सब्सिडी को बढ़ाकर 12 लाख रुपये प्रति यूनिट कर दिया गया है।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब परम्परागत खेती बढ़ती लागत और कम मुनाफे के कारण किसानों के लिए चुनौती बनती जा रही है।

क्या है सरकार का नया फैसला

हरियाणा सरकार की बागवानी प्रोत्साहन नीति के तहत मशरूम खेती को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी नीति के विस्तार के रूप में सरकार ने सब्सिडी की सीमा में सीधी बढ़ोतरी की है।

मुख्य बिंदु

  • पहले सब्सिडी सीमा थी 8 लाख रुपये प्रति यूनिट

  • अब बढ़ाकर की गई 12 लाख रुपये प्रति यूनिट

  • लागू होगा वित्त वर्ष 2025-26 से

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  • योजना मशरूम प्रोडक्शन यूनिट और कंपोस्ट यूनिट दोनों के लिए

अधिकारियों का क्या कहना है

जिला बागवानी अधिकारी नेहा यादव के अनुसार यह फैसला सीधे तौर पर किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद करेगा। उन्होंने बताया कि मशरूम खेती से जुड़े किसान अब बेहतर तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश कर सकेंगे, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।

उनका मानना है कि इस फैसले से ज्यादा किसान परम्परागत फसलों से हटकर बागवानी और वैकल्पिक खेती की ओर बढ़ेंगे।

आवेदन प्रक्रिया और पात्रता

इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल रखी गई है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

जरूरी बातें

  • आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के जरिए किया जाएगा

  • पात्र किसानों को पहले आओ पहले पाओ के आधार पर लाभ

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  • सीमित बजट के कारण समय पर आवेदन जरूरी

क्यों फायदेमंद है मशरूम की खेती

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार मशरूम खेती आज के समय में सबसे तेजी से बढ़ने वाले कृषि व्यवसायों में से एक है।

मशरूम खेती के फायदे

  • कम जमीन में उत्पादन संभव

  • पारम्परिक खेती की तुलना में कम लागत

  • साल भर स्थिर मांग

  • शहरी बाजारों और होटलों में अच्छी कीमत

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  • पोषण के कारण उपभोक्ताओं में बढ़ती लोकप्रियता

एक अनुमान के मुताबिक सही तकनीक अपनाने पर किसान एक यूनिट से सालाना कई लाख रुपये तक की आय कर सकते हैं।

किसानों के लिए इसका क्या मतलब है

यह फैसला सिर्फ सब्सिडी बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संकेत देता है कि राज्य सरकार खेती को आधुनिक और बाजार आधारित बनाने पर जोर दे रही है। बढ़ती लागत, मौसम जोखिम और बाजार अस्थिरता के बीच मशरूम जैसी खेती किसानों के लिए एक सुरक्षित विकल्प बन सकती है।

आगे क्या

सरकार आने वाले समय में बागवानी और ऑर्गेनिक खेती से जुड़ी और योजनाएं लाने की तैयारी में है। साथ ही किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और मार्केट से जोड़ने पर भी काम किया जा रहा है।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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