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हरियाणा के किसानों की बड़ी जीत! सरसों-गेहूं बेचने के लिए अब खुद मंडी जाने की नहीं होगी जरूरत

On: मार्च 20, 2026 12:53 अपराह्न
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हरियाणा के किसानों की बड़ी जीत! सरसों-गेहूं बेचने के लिए अब खुद मंडी जाने की नहीं होगी जरूरत
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हिसार . हरियाणा की अनाज मंडियों में 28 मार्च से शुरू होने जा रही रबी फसलों (सरसों और गेहूं) की सरकारी खरीद से ठीक पहले राज्य सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है। हिसार सहित प्रदेश भर के किसानों और आढ़तियों के भारी विरोध के बाद सरकार को गेट पास के लिए लागू किए गए सख्त बायोमेट्रिक नियमों में अचानक बदलाव करना पड़ा है। अब अपनी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेचने के लिए किसान को खुद ट्रैक्टर लेकर मंडी पहुंचने की कोई बाध्यता नहीं होगी। वह अपनी जगह परिवार के किसी सदस्य, परिचित या अपने आढ़ती को आसानी से अधिकृत कर सकेगा।

विरोध के बाद झुकी सरकार

नए सरकारी फरमान के तहत अब अधिकृत व्यक्ति किसान की फसल को मंडी लेकर आएगा और गेट पर लगी बायोमेट्रिक मशीन पर अपना अंगूठा लगाकर सत्यापन कराएगा। अंगूठा मैच होते ही तुरंत गेट पास जारी कर दिया जाएगा।

हिसार अनाज मंडी के सुपरवाइजर अशोक कुमार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया, “प्रदेश की अनाज मंडियों में 28 मार्च से सरसों की सरकारी खरीद शुरू हो जाएगी। उससे पहले सरकार द्वारा कुछ जरूरी दिशा- निर्देश जारी किए गए हैं। किसान खुद फसल मंडी पहुंचने की बजाय तीन अन्य लोगों को अधिकृत कर सकता है। उनके फिंगर प्रिंट के आधार पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कर गेट पास जारी किए जाएंगे।”

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ट्रैक्टर-ट्रॉली पर नंबर प्लेट और फोटो खिंचवाना रहेगा अनिवार्य

सरकार ने बायोमेट्रिक उपस्थिति के नियमों में भले ही ढील दे दी हो, लेकिन कुछ पुराने सुरक्षा नियम अभी भी सख्ती से लागू रहेंगे। मंडियों में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए गेट पर सबसे पहले उस वाहन या ट्रैक्टर-ट्रॉली की फोटो खींची जाएगी, जिसमें फसल लदकर आ रही है।

प्रशासन ने वाहन पर स्पष्ट नंबर प्लेट का लगा होना पूरी तरह अनिवार्य किया है। बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टरों को किसी भी सूरत में मंडी के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। प्रशासन की यह सख्ती दूसरे राज्यों से आने वाली अवैध फसल को रोकने के लिए की गई है।

‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ से होगा सीधा मिलान

मंडी में गेट पास जारी करने से पहले अधिकारियों द्वारा सरकारी रिकॉर्ड की सीधी क्रॉस चेकिंग की जाएगी। जिस किसान के नाम पर जमीन की गिरदावरी दर्ज है और जिसने ‘मेरी फसल- मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर अपना सटीक रजिस्ट्रेशन करवाया है, उसी के आधार पर मंडी में लाई गई फसल का मिलान होगा।

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सरकार के इस नए फैसले का सीधा फायदा आम किसानों को मिलेगा। अब उन्हें फसल कटाई के इस व्यस्त सीजन में अपना काम छोड़कर घंटों मंडी की लाइनों में धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। वे खेत का काम संभालते हुए अपने परिचित या आढ़ती के माध्यम से आसानी से अपनी फसल बेच सकेंगे।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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