Jackfruit farming: Start low-cost farming with just ₹ 50 plant, earn lakhs: कटहल की खेती ने किसानों को पारंपरिक फसलों से हटकर एक नया विकल्प दिया है। यदि आप गेहूं और धान जैसी फसलों से थक चुके हैं और कुछ नया और मुनाफे वाला करना चाहते हैं, तो (jackfruit farming) आपके लिए उपयुक्त विकल्प है।
फर्रुखाबाद के किसान बताते हैं कि सिर्फ (jackfruit tree cost) ₹50 में एक पौधा मिल जाता है, जिसे खाली पड़ी ज़मीन में लगाया जा सकता है। इसकी सिंचाई समय-समय पर की जाती है और देखरेख में अधिक खर्च नहीं आता। जब यह पौधा बढ़ता है, तो जल्दी ही (fruit farming india) के तहत कुंतल के हिसाब से फल देना शुरू कर देता है।
दोहरी कमाई का तरीका: फल और सब्जियां दोनों Jackfruit farming
कटहल की फसल से किसानों को (jackfruit side income) के अलावा एक और लाभ मिल रहा है—फलों के पेड़ों के नीचे सब्जी की खेती। इस तरीके से वो (vegetable under fruit trees) से डबल इनकम कर रहे हैं। जैसे अभी किसान तीन रुपये प्रति किलो दर से हरी सब्जियों की बिक्री कर रहे हैं।
कटहल की (jackfruit market demand) हर मौसम में बनी रहती है। लेकिन जब अधिक संख्या में कटहल मंडियों में पहुंचते हैं तो मांग घट जाती है, जिससे किसानों को कीमतों में गिरावट का सामना करना पड़ता है।
मंडी में बिक्री और चुनौतियां
किसानों के मुताबिक, कटहल की फसल से भरपूर पैदावार होती है, लेकिन मंडियों में बिक्री करते समय सही दाम मिलना चुनौती हो सकता है। कटहल के पकते ही यह जल्दी खराब होने लगता है, इसलिए समय पर कटाई और बिक्री जरूरी है।
फिर भी, इस प्रकार की (sustainable farming crops) अपनाकर किसान कम जमीन में कम लागत से बड़ा लाभ ले सकते हैं। साथ ही, जैविक तरीकों से इसका उत्पादन किसानों को बाज़ार में बेहतर पहचान दिला सकता है।












