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Jalashay Matsyiki Vikas Yojana: मछली पालकों को 80% अनुदान, 31 अगस्त तक करें आवेदन

On: जुलाई 15, 2025 6:34 पूर्वाह्न
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Jalashay Matsyiki Vikas Yojana: मछली पालकों को 80% अनुदान, 31 अगस्त तक करें आवेदन
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Jalashay Matsyiki Vikas Yojana: 80% grant to fish farmers, apply by 31 August: मुख्यमंत्री जलाशय मात्स्यिकी विकास योजना मछली पालन को आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ा रही है। बिहार सरकार ने मछली उत्पादकों को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से इस योजना की शुरुआत की है। इच्छुक लोग 31 अगस्त तक (fisheries.bihar.gov.in) पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

योजना का उद्देश्य और तकनीकी बढ़ावा Jalashay Matsyiki Vikas Yojana

यह योजना (Jalashay Matsyiki Vikas Yojana) बिहार के जलाशयों में (cage based fish farming) और (संचयन आधारित मत्स्य पालन) तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए लागू की गई है। इससे जलाशयों की उत्पादकता और ग्रामीण आजीविका मजबूत होगी। योजना का संचालन (Bihar Matsya Vibhag portal) के अंतर्गत किया जा रहा है।

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कितनी मिलेगी सब्सिडी और किन जिलों में

योजना के तहत अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग को (80% तक अनुदान) और अन्य वर्गों को (60%) अनुदान मिलेगा। (unit cost ₹3 लाख प्रति केज) निर्धारित की गई है। योजना विशेष रूप से (बाँका, जमुई, नवादा, सासाराम, कैमूर, मुंगेर, लखीसराय) जैसे जिलों में प्रभावी है। शेष राशि लाभार्थी को स्वयं या (bank loan for fish farming) द्वारा जुटानी होगी।

आवेदन की प्रक्रिया और दस्तावेज

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आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है, जिसकी अंतिम तिथि (31 अगस्त 2025) निर्धारित की गई है। वेबसाइट (fisheries.bihar.gov.in) या संबंधित जिला मत्स्य कार्यालय से संपर्क कर और जानकारी ली जा सकती है। पिछले तीन वर्षों में इस योजना के तहत ₹1530 लाख की राशि दी जा चुकी है जिससे लाभार्थियों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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