Jhajjar News, (झज्जर) : हरियाणा सरकार ने बाढ़ और जलभराव से परेशान लोगों के लिए राहत का बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने प्रभावितों को आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है, जिसमें फसलों, मकानों और अन्य नुकसानों की भरपाई शामिल है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष और डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने बताया कि अलग-अलग श्रेणियों के आधार पर यह मदद दी जाएगी।
फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए ई-क्षति पोर्टल शुरू किया गया है। किसान 15 सितंबर तक इस पोर्टल पर अपनी फसल की क्षति दर्ज कर सकते हैं। इसके अलावा, जलभराव से क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे कर मुआवजा दिया जाएगा।
फसलों के नुकसान पर प्रति एकड़ 7,000 से 15,000 रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी। डीसी ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों की मदद सरकार की प्राथमिकता है, और प्रशासन हर संभव सहायता देगा। उन्होंने किसानों और ग्रामीणों से समय पर पोर्टल पर नुकसान दर्ज करने की अपील की।
आर्थिक सहायता का ब्योरा
बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए सरकार ने कई तरह की आर्थिक मदद तय की है। अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, तो 4 लाख रुपये दिए जाएंगे। 40 से 60 प्रतिशत अंग हानि पर 74,000 रुपये और 60 प्रतिशत से ज्यादा अंग हानि पर 2.50 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। मैदानी इलाकों में पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान के लिए 1.20 लाख रुपये और पहाड़ी क्षेत्रों में 1.30 लाख रुपये दिए जाएंगे।
आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पक्के मकान (15% तक) के लिए 10,000 रुपये और कच्चे मकान के लिए 5,000 रुपये मिलेंगे। दुकान, संस्थान या उद्योग को 100% नुकसान होने पर 1 लाख रुपये या वास्तविक नुकसान का आधा हिस्सा दिया जाएगा। व्यावसायिक नुकसान पर 1.75 लाख से 3.05 लाख रुपये तक की मदद मिलेगी।
राहत कोष में योगदान
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य जोरों पर हैं। अब तक 376 चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं, और तत्काल राहत के लिए 3 करोड़ 6 लाख रुपये की निधि दी गई है। जरूरत पड़ने पर राहत शिविर भी बनाए जाएंगे। खास बात यह है कि सभी मंत्री, विधायक और समर्थित विधायक अपने एक महीने का वेतन बाढ़ राहत कोष में देंगे। डीसी ने सभी उपायुक्तों को जलभराव वाले इलाकों में मकानों का सर्वे करने के निर्देश दिए हैं ताकि प्रभावितों को जल्द मदद मिल सके।













