Mango Farming: Increase income with modern techniques, know the benefits of pack house scheme: आम की खेती (Mango Farming) को आधुनिक तरीकों से करने से किसान अपनी आय को कई गुना बढ़ा सकते हैं। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के तहत कृषि विज्ञान केंद्र, बिरौली ने हाल ही में आम उत्पादन की उन्नत तकनीकों (Advanced Techniques) पर एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया।
इस कार्यक्रम में किसानों को छत्रक प्रबंधन, पोषक तत्वों, मिट्टी के स्वास्थ्य (Soil Health), और कीट नियंत्रण (Pest Control) जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने गहन जानकारी दी। समस्तीपुर के किसानों के लिए यह प्रशिक्षण नई राह दिखाने वाला साबित हो सकता है। आइए, इस प्रशिक्षण और पैक हाउस योजना (Pack House Scheme) के फायदों को विस्तार से जानते हैं।
छत्रक और मिट्टी प्रबंधन से बेहतर फसल Mango Farming
प्रशिक्षण में विशेषज्ञ डॉ. धीरु कुमार तिवारी ने बताया कि आम की खेती (Mango Farming) में छत्रक प्रबंधन (Canopy Management) बेहद जरूरी है। फल तोड़ने के बाद पेड़ की ऊपरी और बीच वाली टहनियों को काटकर हटाना चाहिए। इससे सूर्य की रोशनी और हवा का संचार पेड़ में बेहतर होता है, जिससे फसल की गुणवत्ता बढ़ती है।
साथ ही, सूखी, रोगग्रस्त, या घनी टहनियों की छंटाई (Pruning) भी जरूरी है। मिट्टी के स्वास्थ्य (Soil Health) को बनाए रखने के लिए पोषक तत्वों का सही प्रबंधन करना चाहिए। यह तकनीक न केवल फसल की मात्रा बढ़ाती है, बल्कि आम की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाती है, जिससे बाजार में अच्छी कीमत मिलती है।
पैक हाउस योजना: आय का नया रास्ता
सहायक निदेशक उद्यान प्रशांत कुमार ने किसानों को उद्यान विभाग की पैक हाउस योजना (Pack House Scheme) के बारे में बताया। इस योजना के तहत किसान आधुनिक पैकेजिंग और भंडारण सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। यह सुविधा आम की फसल को लंबे समय तक ताजा रखने और बाजार में बेहतर कीमत दिलाने में मदद करती है।
डॉ. रमनदीप सिंह ने सुझाव दिया कि किसान समूह बनाकर अपनी उपज का विपणन (Marketing) करें। इससे उन्हें बड़े खरीदारों तक पहुंचने और अधिक मुनाफा (Profit) कमाने का मौका मिलेगा। यह योजना छोटे और मध्यम किसानों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है।
कीट नियंत्रण और रणनीतियां
प्रशिक्षण में फसल सुरक्षा विशेषज्ञ सुमित कुमार सिंह ने समेकित कीट प्रबंधन (Integrated Pest Management) पर जोर दिया। आम की फसल में कीट और रोग (Pests and Diseases) फसल को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
विशेषज्ञों ने बताया कि रासायनिक और प्राकृतिक तरीकों का संतुलित उपयोग करके कीटों को नियंत्रित किया जा सकता है। साथ ही, किसानों को आधुनिक विपणन रणनीतियों (Marketing Strategies) के बारे में भी बताया गया। यह प्रशिक्षण समस्तीपुर के किसानों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि उनकी आय बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।












