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Mustard Varieties: सरसों की ये 5 किस्में नवंबर में करेंगी कमाल! किसानों को मिलेगा बंपर मुनाफा

On: October 23, 2025 9:08 AM
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Mustard Varieties: सरसों की ये 5 किस्में नवंबर में करेंगी कमाल! किसानों को मिलेगा बंपर मुनाफा
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Mustard Varieties: कृषि डेस्क | रबी सीजन में सरसों की खेती करने की सोच रहे हैं? तो यह खबर आपके लिए है! जवाहर सरसों-3, राज विजय सरसों-2, पूसा जय किसान, आरएच-725 और आरएच-749 जैसी सरसों की टॉप किस्में न सिर्फ शानदार उत्पादन देती हैं, बल्कि किसानों को मोटा मुनाफा भी दिला सकती हैं।

अक्टूबर से 15 नवंबर तक बुवाई का सबसे अच्छा समय माना जाता है। अगर आप इन उच्च गुणवत्ता वाली किस्मों का चयन करें, तो बंपर फसल और अच्छी कमाई की राह आसान हो सकती है। आइए, जानते हैं इन किस्मों और बुवाई के तरीकों के बारे में।

सरसों की 5 शानदार किस्में Mustard Varieties

जवाहर सरसों-3

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इस किस्म को पकने में करीब 142 दिन लगते हैं। यह 27.10 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन दे सकती है। इसमें तेल की मात्रा 38% तक होती है। यह किस्म सिंचित खेतों में समय पर बुवाई के लिए बेस्ट है। इसके पौधे मजबूत होते हैं और गिरने का खतरा कम रहता है।

राज विजय सरसों-2

यह किस्म 120-130 दिनों में पककर तैयार हो जाती है। इसका उत्पादन 20-25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक हो सकता है। तेल की मात्रा 37-39% होती है। यह सूखा सहन करने और रोगों से लड़ने में सक्षम है, इसलिए असिंचित क्षेत्रों के लिए भी शानदार है।

पूसा जय किसान

उत्तर और मध्य भारत की जलवायु के लिए यह किस्म परफेक्ट है। इसे पकने में 140 दिन लगते हैं और 18-20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन देती है। इसकी खेती से किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।

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आरएच-725

इसमें 39% तक तेल की मात्रा होती है और प्रति एकड़ 12 से 15 क्विंटल तक उत्पादन हो सकता है। पकने की अवधि 140-145 दिन है। यह किस्म किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है।

आरएच-749

यह हाईब्रिड किस्म जलवायु परिवर्तन और तापमान के उतार-चढ़ाव में भी टिकाऊ है। इसका उत्पादन 27-30 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक हो सकता है, जिसमें 38-39% तेल होता है। यह किसानों की आमदनी बढ़ाने में मददगार है।

बुवाई का सही तरीका

इन किस्मों की बुवाई के लिए देसी हल, सरिता या सीड ड्रिल का इस्तेमाल करें। कतारों में बुवाई करें, जिसमें कतार से कतार की दूरी 10-12 सेंटीमीटर रखें। बीजों को 2-3 सेंटीमीटर की गहराई पर बोएं। इससे पौधों की ग्रोथ बेहतर होगी और फसल की पैदावार बढ़ेगी।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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