Charkhi Dadri Crop Damage (चरखी दादरी) : इस साल मानसून ने चरखी दादरी में जमकर बारिश की है, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिले में अब तक 480 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है। यह बारिश जहां उमस और गर्मी से राहत दे रही है, वहीं किसानों के लिए आफत बन गई है। झज्जर और रोहतक रोड बेल्ट के 12 गांवों के खेतों में पिछले एक महीने से पानी भरा हुआ है। सिंचाई विभाग पानी निकालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन बार-बार बारिश होने से सारे प्रयास बेकार हो रहे हैं। इससे बाजरा और कपास की फसलों को 20 से 40 फीसदी तक नुकसान हो चुका है।
फसलों का बुरा हाल
किसानों संजय कुमार, प्रदीप और अजीत ने बताया कि जलभराव की वजह से कपास के फूल झड़ गए हैं। जो बचे हैं, उनका रंग पीला पड़ रहा है, जिससे बाजार में कीमत कम मिलेगी। बाजरे की फलियां भीगने से अंकुरित हो रही हैं और स्वाद कड़वा हो गया है। कुछ फसलें तो जलने भी लगी हैं। कृषि विशेषज्ञ डॉ. चंद्रभान श्योराण के मुताबिक, बारिश और जल निकासी न होने से बाजरा और कपास को 20 फीसदी से ज्यादा नुकसान हुआ है, और यह नुकसान बारिश के साथ बढ़ता जाएगा।
सिंचाई विभाग की कोशिशें
सिंचाई विभाग ने पिछले साल जलभराव से निपटने के लिए 35 करोड़ रुपये खर्च कर झज्जर रोड बेल्ट में 600 से 1200 मिमी की पाइपलाइनें बिछाई थीं। कई जगह इलेक्ट्रिक मोटरें और बिजली कनेक्शन भी लगाए गए। लेकिन भारी बारिश की वजह से ये पाइपलाइनें और होद पानी में डूब गए, जिससे जल निकासी ठप हो गई। विभाग के एक्सईएन एस. सांगवान ने बताया कि मोटरों की संख्या बढ़ाकर और अस्थाई पाइपलाइनें डालकर पानी निकालने की कोशिश तेज कर दी गई है। स्थाई समाधान के लिए ड्रेन प्रोजेक्ट की फाइल मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजी गई है।
सबसे ज्यादा प्रभावित गांव
जलभराव से जिले के 12 गांवों की करीब 9 हजार एकड़ फसलें प्रभावित हैं। झज्जर रोड बेल्ट के इमलोटा, मोरवाला, कन्हेटी, सरूपगढ़, सांतोर, झींझर, लोहरवाड़ा, समसपुर, भागवी और रोहतक रोड बेल्ट के मिर्च, जयश्री, मिसरी गांवों में बाजरा, कपास, धान और ज्वार की फसलें पानी में डूबी हैं।













