ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

शनिदेव ने बदला नक्षत्र, साढ़ेसाती से गुजर रही 3 राशियों को मिल सकती है राहत

On: August 20, 2026 12:00 PM
Follow Us:
शनिदेव ने बदला नक्षत्र, साढ़ेसाती से गुजर रही 3 राशियों को मिल सकती है राहत | shani-nakshatra-parivartan-2026-revati-nakshatra-effects-mesh-kumbh-meen
Join WhatsApp Group

शनिदेव को हिंदू धर्म शास्त्रों में कर्मफलदाता और न्याय का देवता माना गया है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार 20 अगस्त 2026 को शनिदेव ने रेवती नक्षत्र के प्रथम चरण में प्रवेश किया है। शनि की धीमी गति के कारण उनके राशि और नक्षत्र परिवर्तन को ज्योतिष में विशेष माना जाता है, क्योंकि इसका असर करियर, आर्थिक स्थिति और व्यक्तिगत जीवन पर अलग-अलग रूप में पड़ने की मान्यता है।

इस समय मेष, कुंभ और मीन राशि के जातक शनि की साढ़ेसाती के अलग-अलग चरणों से गुजर रहे हैं। ऐसे में 20 अगस्त के शनि नक्षत्र परिवर्तन को इन तीन राशियों के लिए खास माना जा रहा है और ज्योतिषीय गणना के अनुसार कुछ मामलों में राहत मिलने की संभावना जताई गई है।

शनि का नक्षत्र परिवर्तन क्या होता है?

जब शनिदेव एक नक्षत्र से निकलकर दूसरे नक्षत्र में प्रवेश करते हैं तो इसे शनि का नक्षत्र परिवर्तन कहा जाता है। शनि को सबसे धीमी गति से चलने वाले प्रमुख ग्रहों में माना जाता है, इसलिए उनका हर परिवर्तन लंबे समय तक प्रभाव डालने वाला माना जाता है।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार 20 अगस्त 2026 को शनि ने रेवती नक्षत्र के प्रथम चरण में प्रवेश किया। इस बदलाव का असर सभी 12 राशियों पर अलग-अलग हो सकता है, लेकिन मेष, कुंभ और मीन राशि के लिए इसे अधिक अनुकूल बताया जा रहा है।

बुध का सिंह राशि में गोचर: वृषभ से मीन तक इन 6 राशियों के बढ़ सकते हैं खर्च और तनाव | #BudhGochar2026 #MercuryTransit #Rashifal
बुध का सिंह राशि में गोचर: वृषभ से मीन तक इन 6 राशियों के बढ़ सकते हैं खर्च और तनाव

शनि की साढ़ेसाती क्या होती है?

ज्योतिष के अनुसार साढ़ेसाती तब मानी जाती है जब शनि व्यक्ति की जन्म राशि यानी चंद्र राशि से एक राशि पहले, उसी राशि में और उसके बाद वाली राशि में गोचर करते हैं। शनि इन तीनों चरणों में करीब ढाई-ढाई साल रहते हैं और इस तरह पूरी अवधि लगभग साढ़े सात साल की होती है।

इसी अवधि को शनि की साढ़ेसाती कहा जाता है। फिलहाल मेष, कुंभ और मीन राशि के जातक इसके अलग-अलग चरणों से गुजर रहे हैं, इसलिए शनि के नक्षत्र परिवर्तन को इनके लिए खास माना जा रहा है।

मेष राशि वालों पर क्या असर पड़ सकता है?

मेष राशि के जातकों के लिए शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार नक्षत्र परिवर्तन के बाद जीवन में कुछ स्थिरता आने की उम्मीद है और अचानक पैदा होने वाली रुकावटों में कमी आ सकती है।

लंबे समय से परेशान कर रही कुछ समस्याओं से राहत मिलने के योग बन सकते हैं। नौकरी या कारोबार में सोच-समझकर लिए गए फैसले लाभ दे सकते हैं, जबकि व्यापार से जुड़े लोगों को अपनी योजनाओं पर आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।

24 अगस्त को बनेंगे 5 शुभ संयोग, जानें शिवजी के जलाभिषेक का पूरा समय | #SawanSomwar2026 #ShivPuja #HarHarMahadev
24 अगस्त को बनेंगे 5 शुभ संयोग, जानें शिवजी के जलाभिषेक का पूरा समय

हरियाणा न्यूज़ पोस्ट पर ये भी पढ़ें: सूर्य गोचर 2026: सिंह राशि में आए सूर्य, इन 3 गलतियों से बचने की सलाह

कुंभ राशि के लिए क्यों खास है यह बदलाव?

कुंभ राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है। ऐसे में शनि का यह नक्षत्र परिवर्तन लंबे समय से चल रहे मानसिक तनाव और संघर्ष में कमी लाने वाला माना जा रहा है।

कार्यस्थल पर अटके हुए काम गति पकड़ सकते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना बनने पर आर्थिक स्थिति में भी सुधार महसूस हो सकता है।

मीन राशि वालों को किस मामले में मिल सकती है राहत?

मीन राशि के जातक इस समय शनि की साढ़ेसाती के दूसरे यानी मध्य चरण से गुजर रहे हैं। नक्षत्र परिवर्तन के बाद मानसिक दबाव, भ्रम और अनजाने डर से कुछ राहत मिलने की संभावना जताई गई है।

वक्री शनि का बड़ा बदलाव 20 अगस्त को, मेष, कुंभ और मीन राशि वालों के लिए क्यों है खास? | #ShaniGochar2026 #ShaniVakri #Rashifal
वक्री शनि का बड़ा बदलाव 20 अगस्त को, मेष, कुंभ और मीन राशि वालों के लिए क्यों है खास?

मेहनत का बेहतर परिणाम मिल सकता है और कामकाज में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने के योग बन सकते हैं। परिवार के लोगों का साथ भी कई फैसलों में सहारा दे सकता है।

शनि को प्रसन्न करने के लिए क्या उपाय बताए गए हैं?

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। इस दौरान ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप भी किया जा सकता है।

जरूरतमंद लोगों को काले तिल, उड़द की दाल या काले कपड़े का दान करना भी शनि से जुड़े पारंपरिक उपायों में शामिल है। हालांकि इन उपायों को धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के आधार पर ही देखा जाना चाहिए। #ShaniNakshatraParivartan #ShaniDev #Rashifal

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment