सनातन धर्म और वैदिक ज्योतिष में सूर्य देव के राशि परिवर्तन का विशेष महत्व माना गया है। जब भी ग्रहों के राजा सूर्य देव गुरु बृहस्पति की राशि धनु या मीन में प्रवेश करते हैं, तो खरमास की शुरुआत हो जाती है। इस वर्ष 15 मार्च 2026 से साल का पहला खरमास लगने जा रहा है। आज 14 मार्च की मध्य रात्रि 12 बजकर 41 मिनट पर सूर्य देव कुंभ राशि की अपनी यात्रा पूरी करके मीन राशि में गोचर करेंगे। सूर्य की यह अवस्था 14 अप्रैल तक रहेगी, जिसके चलते अगले एक महीने तक सनातन परंपरा में विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश और नया व्यापार शुरू करने जैसे सभी शुभ और मांगलिक कार्यों के मुहूर्त पूरी तरह से बंद हो जाएंगे।
एक महीने तक कमजोर रहेगी सूर्य की ऊर्जा
ज्योतिष आचार्यों के अनुसार, खरमास के दौरान सूर्य देव अपने गुरु की सेवा में रहते हैं, जिसके कारण उनका तेज और ऊर्जा पृथ्वी पर काफी कमजोर पड़ जाती है। इसी वजह से इस एक महीने की अवधि में किए गए किसी भी मांगलिक कार्य का पूर्ण शुभ फल प्राप्त नहीं होता है। ग्रहों की इस विशेष स्थिति का प्रभाव वैसे तो सभी 12 राशियों के जातकों पर दिखाई देगा, लेकिन भगवान विष्णु की पूजा और दान-पुण्य के लिए इस महीने को बेहद पवित्र माना गया है।
आज ही घर लाएं चांदी का सिक्का और मनी प्लांट
खरमास के महीने में भले ही शुभ कार्य वर्जित हों, लेकिन इसके शुरू होने से ठीक पहले कुछ विशेष उपाय करने से घर में मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, आज के दिन घर में चांदी का सिक्का लाना बेहद शुभ माना जाता है। आप 5 या 11 चांदी के सिक्कों को लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी या पूजा स्थल पर रख सकते हैं। इसके अलावा, आज ही अपने घर में मनी प्लांट का पौधा भी अवश्य लगाएं, जो धन के नए मार्ग खोलने और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने में मददगार साबित होता है।
मोरपंख और धातु का कछुआ लाएगा शुभता
घर से हर प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए आज के दिन तीन या पांच मोरपंख खरीदकर अपने मुख्य दरवाजे पर जरूर लगाएं। मोरपंख वास्तु दोषों को मिटाकर घर में शांति और शुभता का वातावरण तैयार करता है। इसके साथ ही धन की स्थिरता और परिवार की दीर्घायु के लिए पीतल या तांबे का कछुआ घर लाना भी एक अचूक उपाय है। इस कछुए को उत्तर-पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा में किसी जलाशय या पानी से भरे बर्तन में स्थापित करने से घर में स्थायी सुख-समृद्धि का वास होता है।
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