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Haryana Car Alert: भीषण गर्मी में टाइम बम न बन जाए आपकी कार, हरियाणा के वाहन चालक तुरंत नोट करें ये सेफ्टी टिप्स

On: मई 28, 2026 1:22 अपराह्न
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Haryana Car Alert: भीषण गर्मी में टाइम बम न बन जाए आपकी कार, हरियाणा के वाहन चालक तुरंत नोट करें ये सेफ्टी टिप्स
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Haryana Car Safety Tips: राजस्थान के अजमेर में पूर्व सरपंच और उनके परिवार की कार में जिंदा जलने की खौफनाक वारदात के बाद हरियाणा का प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। हिसार, रोहतक, गुरुग्राम और सिरसा समेत पूरे प्रदेश में इन दिनों रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है, जिससे सड़कों पर दौड़ती गाड़ियों के इंजन उबलने की कगार पर हैं। हरियाणा परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, मई और जून के इस मौसम में गाड़ियों के भीतर का तापमान बाहर के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ता है। ऐसे में जरा सी लापरवाही किसी भी कार को चलते-फिरते टाइम बम में तब्दील कर सकती है।

अवैध सीएनजी किट और मॉडिफिकेशन पर शिकंजा

गुरुग्राम, फरीदाबाद, बहादुरगढ़ और सोनीपत जैसे दिल्ली-एनसीआर से सटे इलाकों में लाखों लोग रोजाना अपनी कारों से सफर करते हैं। पैसे बचाने के चक्कर में कई लोग बाहर की दुकानों से सस्ती और अनधिकृत सीएनजी (CNG) किट लगवा लेते हैं, जो इस चिलचिलाती धूप में गैस लीकेज का मुख्य कारण बनती हैं। इसके अलावा, आजकल युवाओं में कारों के भीतर भारी-भरकम म्यूजिक सिस्टम, एम्बिएंट लाइट्स और लोकल हॉर्न लगवाने का क्रेज है। इसके लिए मैकेनिक कार के असली बिजली के तारों को काटकर टेप लगा देते हैं, जो अत्यधिक गर्मी के कारण पिघल जाते हैं और सीधे शॉर्ट सर्किट की वजह बनते हैं।

हरियाणा रोडवेज के एक्सपर्ट्स ने दिए ये सेफ्टी टिप्स

अंबाला और कुरुक्षेत्र डिपो के सीनियर मैकेनिकल इंजीनियर्स ने हरियाणा के आम कार चालकों के लिए कुछ बेहद जरूरी गाइडलाइंस साझा की हैं। उनके अनुसार, अगर आप जीटी रोड या एक्सप्रेसवे पर लंबा सफर कर रहे हैं, तो लगातार गाड़ी चलाने की बजाय हर दो घंटे या 100 किलोमीटर के बाद किसी ढाबे या पेट्रोल पंप पर गाड़ी रोकें। कार को 10 से 15 मिनट का रेस्ट देने से इंजन का तापमान सामान्य हो जाता है। इसके अलावा, सुबह गाड़ी घर से निकालने से पहले बोनट खोलकर कूलेंट का स्तर और रेडिएटर फैन की वर्किंग जरूर चेक करें।

बंद कार में सैनिटाइज़र और गैस लाइटर छोड़ना पड़ सकता है भारी

हरियाणा में इन दिनों धूप में खड़ी कारों के शीशे बंद होने के कारण अंदर का तापमान 65 डिग्री सेल्सियस को पार कर जाता है। पानीपत और करनाल के ऑटोमोबाइल जानकारों का कहना है कि लोग अक्सर कार के डैशबोर्ड या सीट पर सैनिटाइज़र की बोतल, गैस लाइटर, परफ्यूम स्प्रे या पावर बैंक छोड़ देते हैं। अत्यधिक गर्मी पाकर इन चीजों के भीतर दबाव बनता है और ये बम की तरह फट जाती हैं, जिससे पूरी कार मिनटों में राख का ढेर बन जाती है। सुरक्षा के लिहाज से गाड़ी के भीतर सेंट्रल लॉक जाम होने पर शीशा तोड़ने के लिए ड्राइवर सीट के पास हमेशा एक लोहे का सेफ्टी हैमर जरूर रखें।

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आखिर गर्मी के मौसम में क्यों टाइम बम बन जाती हैं कारें?

यह दर्दनाक हादसा देश के हर कार चालक के लिए एक बड़ा अलर्ट है। ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के दिनों में गाड़ियों में आग लगने के मामले तेजी से बढ़ते हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि गर्मियों में कार के इंजन का तापमान सामान्य से कहीं ज्यादा ऊपर चला जाता है। ऐसे में लोग अक्सर गाड़ियों में बाहर के लोकल मैकेनिक से सस्ती लाइटें, हॉर्न या अन्य एक्सेसरीज लगवा लेते हैं। इन अनधिकृत मॉडिफिकेशन के चक्कर में तारों की कटिंग होती है, जिससे शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, गाड़ियों में घटिया क्वालिटी की नकली सीएनजी (CNG) किट लगवाना जानलेवा साबित होता है, क्योंकि अत्यधिक तापमान के कारण गैस लीकेज का खतरा बढ़ जाता है।

मेंटेनेंस में जरा सी लापरवाही पड़ सकती है जान पर भारी

अगर आप इस चिलचिलाती धूप में सुरक्षित सफर करना चाहते हैं, तो गाड़ी के मेंटेनेंस को लेकर बेहद सतर्क रहें। अपनी कार की समय पर अधिकृत सर्विस सेंटर से ही पीरियोडिक सर्विसिंग करवाएं। मैकेनिक से इंजन ऑयल के साथ-साथ कूलेंट के स्तर की अनिवार्य जांच कराएं, क्योंकि कूलेंट कम होने से इंजन तुरंत ओवरहीट होकर आग पकड़ लेता है। एक और बेहद जरूरी बात, गर्मी के मौसम में बंद गाड़ी के अंदर का तापमान धूप में 60 से 70 डिग्री तक पहुंच जाता है। इसलिए कार के भीतर लाइटर, पावर बैंक, परफ्यूम या डिओडोरेंट स्प्रे, सैनिटाइजर और गैस वाली बोतलें भूलकर भी न छोड़ें, क्योंकि ये चीजें सीधे तौर पर ब्लास्ट हो सकती हैं।

सेंट्रल लॉक जाम होने पर जान बचाएंगे ये दो जरूरी गैजेट्स

हादसे के वक्त अक्सर देखा जाता है कि शॉर्ट सर्किट होते ही कार का इलेक्ट्रिकल सिस्टम ठप हो जाता है। इससे गाड़ी का सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम पूरी तरह जाम हो जाता है और पावर विंडो भी काम करना बंद कर देते हैं, जिससे लोग चाहकर भी दरवाजे नहीं खोल पाते। इस जानलेवा स्थिति से बचने के लिए हर कार मालिक को अपनी गाड़ी में एक छोटा फायर एक्सटिंग्विशर (आग बुझाने वाला सिलेंडर) जरूर रखना चाहिए। इसके साथ ही, ड्राइवर सीट के पास एक ‘कार सेफ्टी हैमर’ (हथौड़ा) या सीटबेल्ट कटर जरूर रखें, ताकि आपातकाल में तुरंत कार का शीशा तोड़कर सुरक्षित बाहर निकला जा सके।

अजमेर जैसे दर्दनाक हादसों की पुनरावृत्ति रोकने और चिलचिलाती गर्मी में आम जनता की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए सरकार, परिवहन विभाग और ऑटोमोबाइल कंपनियां भविष्य के लिए बड़े नीतिगत और तकनीकी बदलावों पर काम कर रही हैं। आम आदमी के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए आने वाले समय में ये कदम उठाए जाने बेहद जरूरी हैं:

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1. सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम के नियमों में कड़ा बदलाव

वर्तमान में ज्यादातर आधुनिक कारों में एक्सीडेंट या शॉर्ट सर्किट के वक्त सेंट्रल लॉक जाम हो जाता है, जो सबसे ज्यादा जानलेवा साबित होता है। भविष्य में ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए यह अनिवार्य किया जा सकता है कि गाड़ियों में ‘क्रैश सेंसर’ या ‘थर्मल सेंसर’ लगाए जाएं। यह तकनीक कार में आग लगने या तापमान के एक निश्चित सीमा से ऊपर जाते ही सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम को स्वतः (Automatic) अनलॉक कर देगी, जिससे बिजली ठप होने पर भी दरवाजे आसानी से खुल सकेंगे।

2. गाड़ियों में फायर सेफ्टी टूल्स अनिवार्य करने की नीति

जैसे कमर्शियल वाहनों (बस और टैक्सियों) में अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguisher) रखना कानूनी रूप से जरूरी है, वैसे ही इसे निजी कारों के लिए भी अनिवार्य किया जा सकता है। भविष्य में नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन के वक्त ही कार निर्माताओं द्वारा ड्राइवर सीट के नीचे इन-बिल्ट फायर एक्सटिंग्विशर और विंडशील्ड तोड़ने के लिए ‘इमरजेंसी सेफ्टी हैमर’ देना अनिवार्य करने पर विचार चल रहा है।

3. अवैध मॉडिफिकेशन और लोकल फिटिंग पर सख्त कानूनी कार्रवाई

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRT&H) और राज्य पुलिस अब उन लोकल मैकेनिकों और अनधिकृत दुकानों पर नकेल कसने की तैयारी में है जो कारों की ओरिजिनल वायरिंग को काटकर चाइनीज लाइट्स या एक्सेसरीज लगाते हैं। भविष्य में ऐसी गाड़ियों का न केवल भारी चालान होगा, बल्कि पकड़े जाने पर कार का फिटनेस सर्टिफिकेट (FC) भी रद्द किया जा सकता है। इंश्योरेंस कंपनियां भी अवैध मॉडिफिकेशन वाली कारों के क्लेम खारिज करने के नियमों को और सख्त कर रही हैं।

4. हाई-वे और एक्सप्रेस-वे पर ‘थर्मल स्कैनिंग’ तकनीक

हरियाणा, पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों के एक्सप्रेस-वे (जैसे केएमपी, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे) पर भविष्य में थर्मल कैमरों का इस्तेमाल किया जा सकता है। टोल प्लाजा या एंट्री पॉइंट्स पर लगे ये कैमरे गुजरती हुई गाड़ियों के टायरों और इंजन के तापमान को तुरंत स्कैन कर लेंगे। अगर किसी कार का इंजन खतरनाक स्तर तक ओवरहीट पाया जाता है, तो ड्राइवर के मोबाइल पर तुरंत अलर्ट मैसेज भेजा जाएगा ताकि वे गाड़ी रोक सकें।

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भारत मेहंदीरत्ता

भारत मेहंदीरत्ता एक अनुभवी पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 11 वर्षों से ऑटो और क्रिकेट से जुड़ी खबरों पर रोचक और तथ्यपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ ऑटोमोटिव इंडस्ट्री की नवीनतम जानकारियों, जैसे कार-बाइक लॉन्च, प्राइस अपडेट्स, और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, के साथ-साथ क्रिकेट की दुनिया की रोमांचक खबरों, जैसे मैच अपडेट्स, खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टूर्नामेंट विश्लेषण को कवर करती हैं। भारत का लेखन शैली जीवंत, गहन और पाठक-केंद्रित है, जो ऑटो और क्रिकेट प्रेमियों को समान रूप से आकर्षित करता है।

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