चंडीगढ़, 19 मई (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। गर्मियों के मौसम में कार की पेट्रोल टंकी को फुल करवाने पर टैंक फटने या आग लगने का दावा सोशल मीडिया पर अक्सर वायरल होता है। हालांकि, इंडियन ऑयल और ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स ने इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। आज की आधुनिक कारें हर तरह के ऊंचे तापमान को झेलने के लिए ही डिजाइन की जाती हैं।
जैसे ही देश में पारा चढ़ना शुरू होता है, कार चालकों के बीच एक पुराना मैसेज तेजी से तैरने लगता है। इस दावे में कहा जाता है कि गर्मियों के दिनों में कार की पेट्रोल टंकी को कभी भी फुल नहीं कराना चाहिए, क्योंकि भीषण गर्मी के कारण गैस बनती है और टैंक फट सकता है। इस डर की वजह से कई लोग चिलचिलाती धूप में आधी टंकी ही फ्यूल भरवाते हैं। लेकिन सच यह है कि इस दावे का विज्ञान और हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है। यह पूरी तरह से भ्रामक और फर्जी खबर है।
देश की बड़ी ऑयल कंपनी ने बताई असली हकीकत
सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनी इंडियन ऑयल (IOCL) के मुताबिक, वाहन निर्माता कंपनियां किसी भी गाड़ी को बाजार में उतारने से पहले उसे हर मौसम, तापमान और दबाव की कसौटी पर कसती हैं। कारों के फ्यूल टैंक बेहद कड़े सुरक्षा मानकों के तहत बनाए जाते हैं। पेट्रोल और डीजल का ऑटो-इग्निशन टेम्प्रेचर (बिना किसी चिंगारी के खुद सुलगने का तापमान) इतना ऊंचा होता है कि गर्मियों का अधिकतम तापमान भी उस स्तर तक कभी नहीं पहुंच सकता। इसलिए कंपनी द्वारा तय की गई मैक्सिमम लिमिट तक तेल भरवाना 100% सुरक्षित है।
‘ऑटो-कट’ के बाद तेल भरवाना है असली गलती
हालांकि, एक्सपर्ट्स कार मालिकों को एक दूसरी जरूरी सलाह जरूर देते हैं, जिसे अमूमन लोग नजरअंदाज कर देते हैं। पेट्रोल पंप पर जब नोजल से तेल भरते समय ‘ऑटो-कट’ की आवाज आए, तो उसके बाद जबरदस्ती दबाकर अतिरिक्त फ्यूल (ओवरफिलिंग) नहीं भरवाना चाहिए। आजकल की गाड़ियों में ईवीएपी (EVAP) यानी इवेपोरेटिव एमिशन कंट्रोल सिस्टम लगा होता है, जो फ्यूल वेपर को मैनेज करता है। टैंक में हवा के फैलने (Fuel Expansion) के लिए थोड़ी जगह जरूरी होती है, जिसे ओवरफिलिंग खत्म कर देती है और गाड़ी के सिस्टम पर असर पड़ता है।
टंकी को एकदम खाली रखना भी है आफत
एक तरफ जहां लोग टंकी फुल कराने से डरते हैं, वहीं दूसरी तरफ कई लोग गाड़ी को रिजर्व में या बेहद कम फ्यूल लेवल पर दौड़ाते रहते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह आदत भी कार के लिए बेहद नुकसानदेह है। फ्यूल कम होने पर कार का फ्यूल पंप जरूरत से ज्यादा गर्म होने लगता है, जिससे उसके फुंकने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, टंकी की तली में बैठी गंदगी और कचरा इंजन के फ्यूल सिस्टम तक पहुंच सकता है। इसलिए समझदारी इसी में है कि न तो टैंक को खाली रखें और न ही ऑटो-कट के बाद ओवरफिल करें।
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