A modern boys hostel will be built in Chandigarh PEC at a cost of Rs 30 crore: बॉयज हॉस्टल (Boys Hostel) की कमी से जूझ रहे चंडीगढ़ के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (PEC) के छात्रों के लिए अच्छी खबर है। यूटी प्रशासन की स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी ने 30 करोड़ रुपये की लागत से एक नए हॉस्टल ब्लॉक को मंजूरी दी है। यह हॉस्टल 86,000 वर्ग फुट में बनाया जाएगा। सात मंजिलों वाला यह भवन 100 से अधिक कमरों और आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। आइए, इस परियोजना को विस्तार से समझें।
Chandigarh PEC: आधुनिक सुविधाओं से लैस हॉस्टल
नया बॉयज हॉस्टल (Boys Hostel) छात्रों की सभी जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा। सात मंजिलों में 100 से ज्यादा कमरे होंगे। ग्राउंड फ्लोर पर 6 कमरे, वार्डन रूम, दो गेस्ट रूम, मेडिकल रूम (Medical Room), रीडिंग रूम और डाइनिंग हॉल होगा। किचन और वॉशिंग एरिया भी बनाया जाएगा। विकलांग छात्रों के लिए विशेष टॉयलेट (Accessible Toilet) की सुविधा होगी। यह हॉस्टल छात्रों को आरामदायक और सुविधाजनक रहने का अनुभव देगा।
बेसमेंट और पार्किंग की व्यवस्था
हॉस्टल के बेसमेंट में 34 कारों की पार्किंग (Parking Facility) की सुविधा होगी। इसके अलावा इलेक्ट्रिकल पैनल रूम, पंप रूम और फायर पंप रूम भी बनाए जाएंगे। दो सीढ़ियां और दो लिफ्ट (Lifts) यात्रा को आसान बनाएंगे। यह सुनिश्चित करेगा कि हॉस्टल में रहने वाले छात्रों और कर्मचारियों को कोई असुविधा न हो। बेसमेंट का डिजाइन सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देता है।
मंजिल-दर-मंजिल सुविधाएं
हॉस्टल की प्रत्येक मंजिल को छात्रों की जरूरतों के हिसाब से डिजाइन किया गया है। पहली मंजिल पर 14 कमरे, चार कॉमन टॉयलेट और एक स्टोर रूम होगा। दूसरी मंजिल पर 19 कमरे, तीसरी पर 15, चौथी और पांचवीं पर 17-17, और छठी मंजिल पर 15 कमरे होंगे। हर मंजिल पर चार कॉमन टॉयलेट (Common Toilets) होंगे। विकलांगों के लिए पहली मंजिल पर विशेष टॉयलेट भी होगा। यह सुनिश्चित करेगा कि सभी छात्रों को समान सुविधाएं मिलें।
यह नया बॉयज हॉस्टल (Boys Hostel) PEC के छात्रों के लिए एक बड़ा कदम है। चंडीगढ़ जैसे शहर में हॉस्टल की कमी एक बड़ी समस्या थी। इस परियोजना से छात्रों को कैंपस के पास ही सुरक्षित और आरामदायक आवास मिलेगा। टेंडर प्रक्रिया (Tender Process) जल्द शुरू होगी, जिससे निर्माण कार्य समय पर शुरू हो सके। यह हॉस्टल न केवल छात्रों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि उनकी पढ़ाई और जीवनशैली को भी बेहतर बनाएगा।












