Anni Nehra Sword of Honour: Anni Nehra Sword of Honour: Rewari’s daughter creates history, third generation becomes the pride of the army!: अन्नी नेहरा स्वार्ड ऑफ ऑनर (Anni Nehra Sword of Honour) से सम्मानित होकर हरियाणा के रेवाड़ी जिले का नाम रोशन कर चुकी हैं। भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) देहरादून की पासिंग आउट परेड में अन्नी को बेस्ट ऑलराउंड कैडेट चुना गया।
अब वे सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट में लेफ्टिनेंट के रूप में देशसेवा करेंगी। उनके परिवार की तीसरी पीढ़ी सेना में शामिल होकर देश के लिए गर्व का क्षण लाई है। आइए, अन्नी की इस प्रेरणादायक यात्रा और उनके परिवार की देशभक्ति की कहानी को जानें।
परिवार की देशसेवा की विरासत Anni Nehra Sword of Honour
अन्नी नेहरा स्वार्ड ऑफ ऑनर (Anni Nehra Sword of Honour) जीतने वाली अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी की सैनिक हैं। उनके दादा 9 जाट रेजिमेंट और पिता देवेंद्र नेहरा 7 जाट रेजिमेंट से हवलदार के रूप में रिटायर हुए। रेवाड़ी के टीकला गांव की इस बेटी ने अपने परिवार की देशसेवा (Military Service) की परंपरा को आगे बढ़ाया।
रविवार को गांव लौटने पर ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत (Grand Welcome) किया। खुली जीप में अन्नी का जुलूस निकाला गया, जो गांव के गौरव का प्रतीक बना।
शिक्षा से सेना तक का सफर
अन्नी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पड़ोसी गांव से शुरू की। इसके बाद उन्होंने कर्नाटक के बेलगाम में नेशनल मिलिट्री स्कूल से पढ़ाई पूरी की। 12वीं पास करने के बाद उनका चयन राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA Selection) में हुआ।
तीन साल की कठिन ट्रेनिंग के बाद उन्होंने देहरादून की भारतीय सैन्य अकादमी (IMA Training) में एक साल की ट्रेनिंग पूरी की। उनकी मेहनत, अनुशासन, और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें स्वार्ड ऑफ ऑनर दिलाया। यह पुरस्कार उनकी उत्कृष्टता और समर्पण (Leadership Excellence) का प्रमाण है।
बचपन का सपना और प्रेरणा
अन्नी ने बताया कि बचपन में दादा और पिता को सेना की वर्दी में देखकर उन्होंने अधिकारी बनने का सपना (Dream of Joining Army) संजोया था। यह सपना आज हकीकत बन गया है। उनके माता-पिता ने पासिंग आउट परेड में अन्नी का नाम बेस्ट कैडेट के रूप में सुनकर गर्व महसूस किया।
अन्नी ने कहा, “मेरे दादा और पिता मेरी प्रेरणा हैं।” यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे रेवाड़ी के लिए गौरव का विषय है। अन्नी की कहानी युवाओं को सेना में शामिल होने और देशसेवा के लिए प्रेरित करती है।












