Ashwin Month: Ashwin month 2025: Starting from 8th September, from Pitru Paksha to Navratri, know the fasts, festivals and rules!: नई दिल्ली | हिंदू कैलेंडर का सातवां महीना, आश्विन मास, भक्ति और त्योहारों का खजाना लेकर आता है। यह पवित्र महीना हर साल सितंबर-अक्टूबर में आता है और 2025 में यह 8 सितंबर से शुरू होकर 7 अक्टूबर तक चलेगा।
आश्विन मास का खास महत्व है, क्योंकि इसमें पितृ पक्ष, शारदीय नवरात्रि और विजयादशमी जैसे बड़े त्योहार आते हैं। आइए जानते हैं इस महीने के व्रत, त्योहार और नियमों की पूरी जानकारी।
पितृ पक्ष: 8 से 21 सितंबर Ashwin Month
आश्विन मास की शुरुआत पितृ पक्ष से होती है, जो 8 सितंबर से शुरू होकर 21 सितंबर को सर्वपितृ अमावस्या पर खत्म होगा। ये 15 दिन पूर्वजों को समर्पित हैं, जिसमें तर्पण और पिंडदान जैसे अनुष्ठान किए जाते हैं। इनसे दिवंगत आत्माओं को शांति और उनका आशीर्वाद मिलता है। इस दौरान भक्त अपने पूर्वजों के लिए प्रार्थना करते हैं।
शारदीय नवरात्रि: 22 सितंबर से 1 अक्टूबर
पितृ पक्ष के बाद 22 सितंबर से शारदीय नवरात्रि शुरू होगी। इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करते हैं। नवरात्रि का समापन 2 अक्टूबर को दुर्गा विसर्जन और विजयादशमी (दशहरा) के साथ होगा। यह त्योहार भक्ति और उत्साह का प्रतीक है।
आश्विन मास की एकादशी
आश्विन मास में दो प्रमुख एकादशियां मनाई जाएंगी। इंदिरा एकादशी 17 सितंबर को और पापनकुशा एकादशी 3 अक्टूबर को आएगी। इन दिनों भक्त भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं और उपवास रखते हैं। ये दिन आध्यात्मिक शुद्धि के लिए खास माने जाते हैं।
प्रमुख व्रत और त्योहार
आश्विन मास में कई महत्वपूर्ण त्योहार और अनुष्ठान हैं। विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी 10 सितंबर, महाभारणी श्राद्ध 11 सितंबर, जीवितपुत्रिका व्रत और मासिक कृष्ण जन्माष्टमी 14 सितंबर, विश्वकर्मा पूजा और कन्या संक्रांति 17 सितंबर, महाराजा अग्रसेन जयंती 22 सितंबर, विनायक चतुर्थी 25 सितंबर, सरस्वती पूजा 30 सितंबर, दुर्गा महा नवमी 1 अक्टूबर और आश्विन पूर्णिमा व्रत 7 अक्टूबर को मनाए जाएंगे।
आश्विन मास में क्या करें?
इस पवित्र महीने में शांत रहें और झगड़े या क्रोध से बचें। रोजाना मां दुर्गा की प्रार्थना करें और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े, तिल, घी और फल दान करें। घर और आसपास की साफ-सफाई रखें ताकि सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे।
क्या न करें?
आश्विन मास में मांसाहारी भोजन, शराब, लहसुन और प्याज से परहेज करें। करेले जैसे कड़वे खाद्य पदार्थ, सफेद तिल, सरसों का साग, मूली और मसूर दाल का सेवन न करें। नकारात्मक व्यवहार और विवादों से बचें।












