Asian Wrestling Championship: Haryana’s Moni Choukkar won gold, defeated Kazakhstan: एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप (Asian Wrestling Championship) में हरियाणा की बेटी मोनी छौक्कर ने इतिहास रच दिया है। समालखा के पट्टीकल्याणा गांव की 16 वर्षीय मोनी ने वियतनाम में आयोजित अंडर-17 वर्ग की इस प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल (Gold Medal) जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।
फाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान की खिलाड़ी को हराकर मोनी ने न केवल अपने गांव और प्रदेश, बल्कि पूरे भारत का नाम रोशन किया। उनकी इस उपलब्धि ने युवाओं, खासकर लड़कियों, के लिए एक प्रेरणा की मिसाल कायम की है। आइए, मोनी की इस शानदार जीत और उनकी यात्रा के बारे में जानते हैं।
कजाकिस्तान को हराकर लहराया तिरंगा Asian Wrestling Championship
वियतनाम के वुंग ताऊ में 24-25 जून को आयोजित एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप (Asian Wrestling Championship) में मोनी छौक्कर ने 57 किलो वर्ग में हिस्सा लिया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने कजाकिस्तान की मजबूत खिलाड़ी को हराकर गोल्ड मेडल (Gold Medal) अपने नाम किया।
मोनी की इस जीत ने साबित कर दिया कि मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उनके पिता राजेश छौक्कर ने बेटी की उपलब्धि पर गर्व जताते हुए बताया कि मोनी ने अपनी कड़ी मेहनत और कोच विक्की पहलवान की ट्रेनिंग से यह मुकाम हासिल किया। यह जीत भारत के लिए गर्व का पल है।
परिवार की खेल परंपरा को आगे बढ़ाया
मोनी की जीत कोई इत्तफाक नहीं, बल्कि उनके परिवार की खेल परंपरा का हिस्सा है। उनकी बड़ी बहन तन्नू ने भी अप्रैल 2025 में दुबई में 400 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल (Silver Medal) जीता था। मोनी और तन्नू दोनों का सपना ओलंपिक में देश के लिए मेडल जीतना है।
राजेश छौक्कर ने बताया कि उनकी बेटियां गांव के कोच विक्की पहलवान की देखरेख में रेसलिंग के दांवपेच सीख रही हैं। मोनी की इस जीत ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे पट्टीकल्याणा गांव को गर्व से भर दिया है। यह उपलब्धि युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है।
वर्ल्ड चैंपियनशिप की ओर कदम
मोनी की नजर अब अगले महीने होने वाली वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप (World Wrestling Championship) पर है। अंडर-17 वर्ग में हिस्सा लेने के लिए वह कड़ी मेहनत कर रही हैं। मोनी की इस जीत ने हरियाणा की बेटियों की ताकत को फिर से साबित किया है, जो खेल के मैदान में छोरों से कम नहीं हैं।
उनके पिता का कहना है कि मोनी का लक्ष्य ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम ऊंचा करना है। मोनी की यह कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखता है। एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप (Asian Wrestling Championship) में उनकी जीत इस दिशा में पहला कदम है।













