Ayushman scheme Haryana: Heart patients are not getting treatment under Ayushman scheme, Human Rights Commission raised the issue: हरियाणा के चार प्रमुख जिलों—पंचकूला, अंबाला, गुरुग्राम और फरीदाबाद—में पिछले 40 दिनों से (Ayushman scheme heart patients) को इलाज नहीं मिल पा रहा है। सरकारी अस्पतालों में PPP मोड पर संचालित हार्ट सेंटरों ने 4 जून 2025 से (cardiac treatment disruption) कर दिया है। वजह है आयुष्मान योजना के तहत इलाज की पेमेंट में देरी।
दिल की गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें इलाज नहीं मिल पा रहा। कई मरीजों की हालत बिगड़ रही है, जिससे यह अब केवल स्वास्थ्य सेवा का मामला न रहकर मानवाधिकार का मुद्दा बन गया है।
हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान Ayushman scheme Haryana
इस संवेदनशील मामले में हरियाणा मानवाधिकार आयोग (Haryana Human Rights Commission action) ने हस्तक्षेप किया है। आयोग ने माना है कि यह मरीज की जान का सवाल है और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही चिंता का विषय है। आयोग के सदस्य दीप भाटिया (Deep Bhatia directive) ने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी हेल्थ और डीजीएचएस से रिपोर्ट तलब की है।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 6 अगस्त 2025 को अगली सुनवाई (6 August hearing update) होगी, जिसमें सरकारी रिपोर्ट पेश की जाएगी। यदि इस रिपोर्ट में समाधान नहीं दिखा तो मामला और गंभीर हो सकता है।
भुगतान में देरी बनी मरीजों की परेशानी की वजह
स्वास्थ्य विभाग ने PPP मोड पर काम कर रही प्राइवेट कंपनी को करोड़ों की पेमेंट (Ayushman scheme payment issue) नहीं की है। जिसके चलते कंपनी ने अपनी सेवाएं रोक दी हैं।
सरकारी योजनाओं पर निर्भर गरीब और जरूरतमंद मरीजों को अब प्राइवेट इलाज करवाना पड़ रहा है या फिर बिना उपचार के अपने घर लौटना पड़ रहा है। आयुष्मान योजना दिल के मरीजों (आयुष्मान योजना दिल के मरीज) के लिए बनाई गई थी, लेकिन आज वही स्कीम उनके लिए समस्या बन चुकी है।













