ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Chandigarh प्रशासन को CAT का झटका, प्रोबेशन पीरियड में कर्मचारियों को मिलेगा पूरा वेतन

On: मई 18, 2025 11:38 पूर्वाह्न
Follow Us:
Chandigarh प्रशासन को CAT का झटका, प्रोबेशन पीरियड में कर्मचारियों को मिलेगा पूरा वेतन
Join WhatsApp Group

CAT gives a jolt to Chandigarh administration employees will get full salary during probation period: चंडीगढ़ में सरकारी कर्मचारियों के लिए एक ऐतिहासिक जीत हुई है। केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (Central Administrative Tribunal – CAT) ने चंडीगढ़ प्रशासन के उस 2015 के नोटिफिकेशन को रद्द कर दिया, जिसके तहत प्रोबेशन पीरियड (Probation Period) के दौरान नए कर्मचारियों को केवल फिक्स्ड वेतन दिया जाता था, और उन्हें ग्रेड पे, वार्षिक वेतनवृद्धि (Annual Increment) या अन्य भत्तों से वंचित रखा जाता था। इस फैसले ने न केवल कर्मचारियों के हक में एक मिसाल कायम की है, बल्कि प्रशासन को भी नियमों की वैधता पर गंभीरता से विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है।

Chandigarh: प्रोबेशन पीरियड में वेतन कटौती का अंत

2015 में चंडीगढ़ प्रशासन ने पंजाब सरकार के एक संशोधन को अपनाते हुए नियम बनाया था कि प्रोबेशन पीरियड के दौरान कर्मचारियों को न्यूनतम फिक्स्ड वेतन (Fixed Emoluments) दिया जाएगा। इस नियम के तहत कर्मचारियों को न तो ग्रेड पे मिलता था, न ही वार्षिक वेतनवृद्धि और न ही डीए जैसे अन्य भत्ते। इस नीति ने कई कर्मचारियों को आर्थिक तंगी की ओर धकेल दिया, खासकर उन 15 कर्मचारियों को, जिन्होंने 2016 में क्लर्क और स्टेनो टाइपिस्ट के पदों पर नौकरी शुरू की थी। CAT ने इस नोटिफिकेशन को गैर-कानूनी करार देते हुए प्रशासन को आदेश दिया कि वह कर्मचारियों को पूरा वेतन और बकाया भत्ते (Allowances) दे, जिसमें पहले दी गई फिक्स्ड सैलरी को घटाया जाए। यह भुगतान 3 महीने के भीतर करना होगा।

15 जून से जेवर एयरपोर्ट और दिल्ली-गाजियाबाद के लिए चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें, ₹10 से शुरू होगा किराया
15 जून से जेवर एयरपोर्ट और दिल्ली-गाजियाबाद के लिए चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें, ₹10 से शुरू होगा किराया

कर्मचारियों की हिम्मत और याचिका

इस मामले की शुरुआत तब हुई, जब 15 कर्मचारियों ने CAT में याचिका दायर की। ये कर्मचारी 6 अक्टूबर 2015 को जारी विज्ञापन के आधार पर भर्ती हुए थे। लेकिन नियुक्ति पत्र में एक शर्त जोड़ी गई कि प्रोबेशन पीरियड के दौरान उन्हें केवल न्यूनतम वेतन मिलेगा। इस नियम ने कर्मचारियों को नाराज कर दिया, क्योंकि उनका वेतन ठेके पर काम करने वालों से भी कम था। कर्मचारियों ने तर्क दिया कि इस नीति से उन्हें हर महीने हजारों रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने CAT में सुप्रीम कोर्ट और अन्य ट्रिब्यूनल के फैसलों का हवाला देते हुए अपनी बात रखी, जिसे ट्रिब्यूनल ने गंभीरता से लिया।

चंडीगढ़ प्रशासन ने बचाव में कहा कि उन्होंने यह नियम पंजाब सरकार के निर्देशों के आधार पर लागू किया था। लेकिन CAT ने साफ किया कि पंजाब सरकार का वह नियम पहले ही अवैध घोषित हो चुका है। ट्रिब्यूनल ने डॉ. विश्वदीप सिंह केस का जिक्र करते हुए कहा कि यह मामला उससे पूरी तरह मेल खाता है। प्रशासन कोई वैध कानूनी आधार पेश नहीं कर सका, जिसके चलते CAT ने याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला सुनाया। यह फैसला न केवल चंडीगढ़ के कर्मचारियों के लिए राहत है, बल्कि अन्य प्रशासनों के लिए भी एक चेतावनी है कि कर्मचारी अधिकारों की अनदेखी महंगी पड़ सकती है।

दिल्ली मेट्रो का सबसे लंबा सबवे बनेगा, राजीव चौक से एयरपोर्ट पहुंचना होगा आसान
दिल्ली मेट्रो का सबसे लंबा सबवे बनेगा, राजीव चौक से एयरपोर्ट पहुंचना होगा आसान

कर्मचारियों पर क्या होगा असर?

इस फैसले का असर उन सभी कर्मचारियों पर पड़ेगा, जो प्रोबेशन पीरियड में कम वेतन के शिकार हुए। अब उन्हें न केवल पूरा वेतन मिलेगा, बल्कि बकाया भत्ते (Back Pay) भी वापस किए जाएंगे। यह फैसला कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाएगा और उन्हें अपने अधिकारों के लिए लड़ने की प्रेरणा देगा। साथ ही, यह प्रशासन को पारदर्शी और निष्पक्ष नीतियां बनाने के लिए मजबूर करेगा। कर्मचारियों का कहना है कि यह जीत उनके आत्मसम्मान की जीत है, क्योंकि अब वे ठेके पर काम करने वालों से कम वेतन की शर्मिंदगी से मुक्त होंगे।

CAT का यह फैसला एक मील का पत्थर है। यह दिखाता है कि कर्मचारी अपने हक के लिए कानूनी रास्ता अपना सकते हैं और जीत हासिल कर सकते हैं। चंडीगढ़ प्रशासन को अब अपनी नीतियों की समीक्षा करनी होगी, ताकि भविष्य में ऐसी गलतियां न दोहराई जाएं। साथ ही, यह फैसला अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए भी एक उदाहरण है कि कर्मचारी कल्याण को प्राथमिकता देना जरूरी है। इस फैसले ने न केवल कर्मचारियों को आर्थिक राहत दी, बल्कि उनके विश्वास को भी मजबूत किया कि कानून उनके साथ है।

दिल्ली मेट्रो फेज 4: इस साल के अंत तक शुरू होंगे 3 नए रूट, 41 किमी बढ़ेगा नेटवर्क
दिल्ली मेट्रो फेज 4: इस साल के अंत तक शुरू होंगे 3 नए रूट, 41 किमी बढ़ेगा नेटवर्क

यह मामला हमें सिखाता है कि कर्मचारी अधिकारों की अनदेखी लंबे समय तक नहीं चल सकती। सरकार और प्रशासन को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जो कर्मचारियों के हित में हों। प्रोबेशन पीरियड को कर्मचारियों को परखने का समय माना जाता है, न कि उनकी मेहनत का शोषण करने का। यह फैसला नौकरीपेशा लोगों के लिए एक उम्मीद की किरण है और नीति निर्माताओं को यह सोचने पर मजबूर करता है कि कर्मचारी कल्याण के बिना कोई प्रशासन सफल नहीं हो सकता।

मौलिक गुप्ता

मौलिक गुप्ता एक प्रतिभाशाली और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 8 वर्षों से एंटरटेनमेंट और ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर आकर्षक और ताज़ा खबरें लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ बॉलीवुड, टीवी, सेलिब्रिटी अपडेट्स, वायरल ट्रेंड्स और सोशल मीडिया की हलचल को कवर करती हैं, जो पाठकों को मनोरंजन की दुनिया से जोड़े रखती हैं। मौलिक का लेखन शैली जीवंत, रोचक और समयानुकूल है, जो युवा और विविध पाठकों को आकर्षित करता है। वे Haryananewspost.com न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय हैं, जहाँ उनके लेख ट्रेंडिंग विषयों पर गहरी अंतर्दृष्टि और मनोरंजक जानकारी प्रदान करते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment