CBSE Counselling: CBSE’s big step! Hub and spoke model of counselling started in schools, see the list of selected schools!: नई दिल्ली | केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए एक बड़ी पहल शुरू की है। बोर्ड ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘हब एंड स्पोक स्कूल मॉडल’ लॉन्च किया है।
इस मॉडल का मकसद स्कूलों में मनो-सामाजिक सहायता को मजबूत करना और छात्रों को स्वस्थ माहौल देना है। अगर आप CBSE स्कूलों से जुड़े हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद खास है। आइए जानते हैं इस नई पहल की पूरी डिटेल्स!
हब एंड स्पोक मॉडल क्या है? CBSE Counselling
CBSE की आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, यह मॉडल हब और स्पोक स्कूलों के बीच एक सहयोगी नेटवर्क बनाकर छात्रों को समय पर मनो-सामाजिक सहायता देने पर केंद्रित है।
बोर्ड ने इस सत्र के लिए चयनित स्कूलों की सूची भी जारी की है, जिसमें केंद्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय समिति, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, सैनिक स्कूल, ओडिशा आदर्श विद्यालय संगठन, राज्य शिक्षा निदेशक, आर्मी पब्लिक स्कूल (AWES) और केंद्रीय तिब्बती स्कूल प्रशासन शामिल हैं।
इस पहल का उद्देश्य
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत शुरू की गई इस पहल का लक्ष्य है काउंसलिंग की सुविधा बढ़ाना, स्कूलों की क्षमता को मजबूत करना और सहकर्मी शिक्षा को प्रोत्साहित करना। स्कूलों के प्रधानाचार्य इस मॉडल को लागू करने में मुख्य भूमिका निभाएंगे।
काउंसलर और स्वास्थ्य शिक्षक छात्रों को सीधे मार्गदर्शन और सहायता देंगे। इस मॉडल से स्कूलों में एक ऐसा माहौल बनेगा, जहाँ छात्र अपनी भावनात्मक और मानसिक जरूरतों के लिए सहायता पा सकेंगे।
कैसे काम करेगा यह मॉडल?
हब स्कूलों के काउंसलर, स्पोक स्कूलों के काउंसलरों के साथ मिलकर हर महीने गतिविधियाँ आयोजित करेंगे। ये गतिविधियाँ छात्रों को लगातार मनो-सामाजिक सहायता प्रदान करेंगी। इसके लिए एक खास रिपोर्टिंग सिस्टम बनाया गया है, जिसमें स्पोक स्कूलों को अपने हब स्कूलों को हर महीने रिपोर्ट देनी होगी।
ये रिपोर्ट्स हर महीने की 5 तारीख तक एक गूगल फॉर्म के जरिए CBSE को भेजी जाएंगी। इससे काउंसलिंग गतिविधियों की निगरानी और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित होगी।
छात्रों के लिए बड़ी राहत
CBSE का यह हब एंड स्पोक मॉडल स्कूलों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता को बढ़ाने का एक क्रांतिकारी कदम है। यह मॉडल छात्रों की भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक जरूरतों को पूरा करेगा और उन्हें बेहतर भविष्य के लिए तैयार करेगा। चयनित स्कूलों की सूची और इस मॉडल की पूरी जानकारी CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर देखी जा सकती है।












