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Railway का 12,000 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट, दिल्ली-अंबाला-जालंधर रेल कॉरिडोर बनेगा फोर लेन!

On: अगस्त 31, 2025 8:17 पूर्वाह्न
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Railway का 12,000 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट, दिल्ली-अंबाला-जालंधर रेल कॉरिडोर बनेगा फोर लेन!
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Railway Four Lane Corridor (चंडीगढ़) : दिल्ली से अंबाला और जालंधर के बीच रेल कॉरिडोर को फोर लेन करने के प्रस्ताव को अंबाला डिवीजन हेडक्वार्टर ने मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट को अब रेलवे बोर्ड कैबिनेट कमेटी के पास भेजेगा। इसके बाद फोर लेन कॉरिडोर का काम शुरू हो जाएगा। नई दिल्ली से अंबाला के बीच अभी डबल ट्रैक है।

198 किमी लंबे ट्रैक पर रोजाना करीब 200 ट्रेनें आती-जाती हैं। वहीं, अंबाला से जालंधर के बीच 153 किमी लंबा रेल ट्रैक है। नई दिल्ली – अंबाला के बीच 8000 करोड़ व अंबाला से जालंधर के बीच 4000 करोड़ रुपए खर्च का एस्टीमेट तैयार किया गया है। कुल मिलाकर 12 हजार करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट है। इसमें दिल्ली – अंबाला का प्रोजेक्ट दिल्ली डिवीजन की ओर से किया जाएगा। अंबाला-जालंधर का काम अंबाला डिवीजन करेगा।

उत्तर रेलवे के प्रवक्ता के अनुसार इस साल कैबिनेट से अप्रूवल मिलने के बाद फोर लेन रेलवे लाइन को बनने में करीब 3 साल का वक्त लगेगा। चूंकि अंबाला रूट पंजाब, जेएंडके, हिमाचल और चंडीगढ़ का गेटवे है। जेएंडके के बीच हाल ही में कनेक्टिविटी बढ़ने के बाद इस रूट पर यात्री बोझ लगभग डबल हो गया है।

सरकार इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाना चाहती है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद वर्तमान में चल रही 200 ट्रेनें की संख्या लगभग डेढ़ गुना बढ़ने का अनुमान है। इसमें मालगाड़ियां भी शामिल होंगी। ट्रैक के विस्तार के लिए 11 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण का काम अप्रूवल के बाद शुरू होगा।

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बोर्ड से अप्रूवल के बाद कैबिनेट मंजूरी में वक्त नहीं लगता

एमके गुप्ता, रिटायर्ड मेंबर इंजीनियरिंग रेलवे बोर्ड, दिल्ली के अनुसार हेडक्वार्टर ने इस प्रोजेक्ट को सही समय पर अप्रूवल दी है। बोर्ड से अप्रूवल के बाद कैबिनेट कमेटी से अप्रूवल मिलने में ज्यादा वक्त नहीं लगता। अगर इस साल इसे अप्रूवल मिल जाती है तो अगले साल फरवरी में आने वाले आम बजट में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने की घोषणा होने की संभावना है।

फंड्सः इस समय रेलवे के पास फंड्स की कोई कमी नहीं है, ऐसे में इस प्रोजेक्ट में कोई रुकावट आने के आसार कम हैं।

ट्रेनों की संख्या और स्पीडः फोर लेन रेल कॉरिडोर बनने के बाद ट्रेनों की संख्या करीब डेढ़ गुना बढ़ जाएगी। गुड्स ट्रेनों के लिए अलग से ट्रैक डेडिकेट हो सकेगा। हाई स्पीड ट्रेनों को छोड़कर अन्य सुपरफास्टर व एक्सप्रेस ट्रेनों की रफ्तार भी 10-15 किमी प्रतिघंटा बढ़ जाएगी। ट्रेनों की आवाजाही में किसी तरह की रुकावट नहीं आएगी। ट्रेनों को पासिंग के लिए आउटर पर भी रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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सुरक्षाः ट्रैक की फेंसिंग रेलवे फ्यूचर प्लानिंग को देखकर करता है। फेंसिंग से यात्रा सुरक्षित होगी। एक्सिडेंट्स में कमी आएगी। ट्रेनें बिना किसी रुकावट के अपनी स्पीड पर दौड़ सकेंगी।

दिल्ली-अंबाला के बीच फेंसिंग शुरू

कमिश्नर रेलवे सेफ्टी की गाइडलाइन के अनुसार जिन रूट्स पर 130 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेनें चलती हैं, उन ट्रैक्स की फेंसिंग भी की जा रही है। दिल्ली से अंबाला के बीच डबल बीम क्रैश बैरियर्स बनाए जा रहे हैं। स्टील की फेंसिंग लगने से कैटल एक्सीडेंट व किसी तरह की रुकावट की आशंका कम हो जाएगी। इससे सुरक्षित यात्रा, ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी।

चंडीगढ़ से तीन शताब्दी और दो वंदे भारत ट्रेनें चलती हैं, हालांकि इनकी औसत रफ्तार 110 किमी प्रतिघंटा है। इसे 130 करने के लिए यहां पर भी फेंसिंग की जाएगी। इससे पहले कर्व की दिक्कत थी उसे दूर कर दिया गया है। फेंसिंग के बाद यहां से चलने वाली हाई स्पीड ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ जाएगी।

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उत्तर रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि फोर लेन रेल कॉरिडोर की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर हेडक्वार्टर ने इसे अप्रूवल दे दी है। अब इस प्रोजेक्ट को रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है। रेलवे बोर्ड इस रिपोर्ट एनालिसिस करने के बाद कैबिनेट कमेटी के पास अप्रूवल के लिए भेजेगा। वहां से अप्रूव होने के बाद वर्क अलॉट होगा।

मौलिक गुप्ता

मौलिक गुप्ता एक प्रतिभाशाली और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 8 वर्षों से एंटरटेनमेंट और ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर आकर्षक और ताज़ा खबरें लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ बॉलीवुड, टीवी, सेलिब्रिटी अपडेट्स, वायरल ट्रेंड्स और सोशल मीडिया की हलचल को कवर करती हैं, जो पाठकों को मनोरंजन की दुनिया से जोड़े रखती हैं। मौलिक का लेखन शैली जीवंत, रोचक और समयानुकूल है, जो युवा और विविध पाठकों को आकर्षित करता है। वे Haryananewspost.com न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय हैं, जहाँ उनके लेख ट्रेंडिंग विषयों पर गहरी अंतर्दृष्टि और मनोरंजक जानकारी प्रदान करते हैं।

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