Chandigarh Food Testing Milk, Ghee, Water Adulterated 432 Samples Failed, Truth About Mobile Van: घर में इस्तेमाल होने वाली खाने-पीने की चीजों में किसी तरह की मिलावट तो नहीं? यह जानने के लिए शहर में 2 मोबाइल वैन घूमती हैं, जिनमें 14 फूड आइटम्स की जांच हो सकती है। लेकिन शहर के लोगों ने पिछले एक साल में सिर्फ दूध, घी और पानी के सैंपल ही टेस्ट करवाए हैं।
इनके पिछले एक साल में 4939 सैंपल टेस्ट किए गए, जिनमें से 4508 सैंपल ठीक पाए गए 432 में मिलावट पाई गई। इनमें तेल के सैंपल भी शामिल हैं, जो विभाग खुद करता है। हेल्थ डिपार्टमेंट के फूड सेफ्टी विंग की ओर से शहर में मोबाइल फूड टेस्टिंग लैबोरेट्री वैन करीब 3 साल से चलाई जा रही है। कुल 2 वैन हैं जो रोटेशन बेसिस पर शहर की 54 डिस्पेंसरी व अन्य जगहों पर खड़ी होती हैं।
Chandigarh Food Testing: फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड की सच्चाई
फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने चंडीगढ़ के फूड सेफ्टी विंग को ये 2 मोबाइल वैन दी हैं। इनमें 20 रुपए में खाने-पीने के सामान की जांच करा सकते हैं। यह वैन रोजाना कहां खड़ी होती है इसके बारे में रोजाना भास्कर के यूटिलिटी कॉलम में बताया जाता है। हर टेस्ट के लिए सिर्फ 20 रुपए, मौके पर मिलती है रिपोर्ट।
फूड सेफ्टी वैन में प्रति आइटम सैंपल टेस्ट के लिए 20 रुपए लिए जाते हैं। ज्यादातर रिपोर्ट उसी समय आ जाती है। एफएसएसएआई ने ये वैन दी हैं, जिनमें केमिकल टेस्टिंग इक्विप्मेंट हैं। दूध की जांच के लिए स्पेशल इक्विपमेंट लगाए गए हैं। एक वैन में दो लैब टेक्नीशियन और एक अटेंडेंट होता है।
यह सैंपल विभाग ने खुद शहर के अलग- अलग सेक्टरों से लिए। यहां समोसे पकौड़े एक ही तेल में कई बार तले गए थे। एक ही तेल का बार-बार इस्तेमाल करने से तेल अनसेचुरेटेड हो जाता है, जो शरीर के लिए हानिकारक है।
इतने सैंपल हुए फेल
दूधः 340 सैंपल फेल, पानी की मिलावट पाई गई। देसी घी 2 सैंपल में वनस्पति की मिलावट पाई गई। पानी: 60 सैंपल में पीएच लेवल और टीडीएस ठीक नहीं पाया गया। • खाद्य तेलः 30 सैंपल ऐसे पाए गए जिनमें तेल का इस्तेमाल। 4939 कुल सैंपल टेस्ट किए गए 4508 सैंपल ठीक पाए गए 432 सैंपल फेल हुए।
14 तरह के फूड आइटम्स के टेस्ट करा सकते हैं
दूधः स्टार्च, फैट, यूरिया, ग्लूकोज, शुगर, न्यूट्रालाइजर, बोरिक एसिड, फॉर्मेलिन (प्रिजर्वेटिव), सोडियम क्लोराइड, मेल्टो डेक्सट्रिन, अमोनियम सल्फेट, प्रोटीन
• खोयाः स्टार्च, यूरिया, न्यूट्रालाइजर • पनीरः स्टार्च, यूरिया न्यूट्रालाइजर देसी घी वनस्पति, स्टार्च खाद्य तेलः मेटानिल यलो कलर्स, अर्गेमोन ऑयल, मिनरल ऑपल, कैस्टर ऑयल
गुड़ः सोडियम कार्बोनेट, वॉशिंग सोडा, मेटानिल यलो कलर्स सेला राइसः मेटानिल यलो कलर्स, हल्दी दालें मेटानिल यलो कलर्स, लीड क्रोमेट, चॉक पाउडर तुअर दाल में खेसरी दाल की मिलावट होती है। यह देश के कई हिस्सों में बैन है। • बेसनः मेटानिल यलो कलर्स • हल्दी चॉक पाउडर, मेटानिल यलो कलर्स • हींग: स्टार्च
• पाउडर्ड मसाले स्टार्च पानीः पीएच व टीडीएस लेवल • जूस / सूप / एनर्जी ड्रिंक / सोया मिल्कः इनमें सुक्रोस की मात्रा चेक की जाती है। यह ज्यादा नहीं होना चाहिए।
डॉ. सुमन सिंह, डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज ने बताया कि उनके पास दो वैन हैं, जो सेक्टर वाइज डिस्पेंसरी के बाहर खड़ी होती हैं। यहां आकर लोग टेस्ट करा सकते हैं। बाकायदा इसका शेड्यूल बना हुआ है। इससे लोगों को फायदा हो रहा है। हम मौके पर ही रिपोर्ट मुहैया करवा रहे हैं। मोबाइल वैन रैंडम टेस्ट भी करती है, जिसमें खास तौर पर खाद्य तेलों का टेस्ट किया जाता है, ताकि लोगों को फैटीफाइड फूड से बचाया जा सके।
कॉलोनी सेक्टरों में खाद्य तेलों की होती है रैंडम चेकिंग
मोबइन वैन शहर की विभिन्न कॉलोनियों और सेक्टरों में जाकर फूड आउटलेट्स में तेल की चेकिंग करती है। शहर के पार्कों के बाहर सुबह 6 से 9 बजे के बीच यह वैन लोगों को जागरूक करती है। स्कूल और आंगनवाड़ी में भी वैन लोगों को जागरूक करने जाती है।












