Chandigarh Monsoon 2025, सिटी रिपोर्टर चंडीगढ़ : शहर में मानसून ने एक बार फिर गति पकड़ ली है। पिछले 24 घंटों में 40 मिमी से अधिक वर्षा हुई, जिससे मौसम में बदलाव आया। लगातार वर्षा और तेज हवाओं के कारण सुखना लेक पर बोटिंग रोकनी पड़ी। मौसम विभाग ने अगले 24 से 36 घंटों में भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, सितंबर में भी वर्षा जारी
रहने की संभावना है।
स्कूलों में छुट्टी
मंगलवार को अधिकतम तापमान 27.9 डिग्री और न्यूनतम 21.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अब तक इस सीजन में 914.8 मिमी वर्षा हो चुकी है। मौसम की स्थिति को देखते हुए चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने बुधवार को भी सभी स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की है। इस संबंध में डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़ की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं।
कहाँ बारिश और शहर में
जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक डिप्टी कमिश्नर-कम-जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक के बाद प्रशासन ने आम जनता, निगम अधिकारियों, निजी संस्थानों और सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालयों के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और जान हानि न हो।
एडवाइजरी में दिए गए प्रमुख दिशा-निर्देश
• सामान्य जनता को सख्त हिदायत दी गई है कि वह मानसून के दौरान झीलो नालो, तालाबों आदि जलरगेतो के पास न जाए।
• नगर निगम और इंजीनियरिंग विभाग को तुरंत सड़कों और सार्वजनिक स्थलों से गिरे हुए पेड़ हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
• धंसी हुई सड़कों की तुरंत मरम्मत कराने और ऐसे स्थानों को ट्रैफिक पुलिस द्वारा बैरिकेट कर दुर्घटनाओं से बचाव सुनिश्चित किया जाएगा।
• मैनहोल कवर और रोड गलीज को सही ढंग से लगाने और उनकी निगरानी करने के निर्देश नगर निगम को दिए गए है।
● बिजली के खभो और स्ट्रीट लाइटो की जांच तत्काल की जाएगी ताकि करंट लगने से किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
• स्वास्थ्य विभाग को करंट लगने, डूबने और अन्य बारिश से जुड़ी आपात स्थितियों के इलाज हेतु पर्याप्त व्यवस्था रखने को कहा गया है।
• ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिया गया है कि जलभराव वाले अंडरपास, सबवे और पुलों को बंद कर वैकल्पिक मार्गों पर यातायात डायवर्ट किया जाए।
बारिश से नालों झीलों में खतरा, मजिस्ट्रेट ने लगाया प्रवेश पर प्रतिबंध
लगातार हो रही भारी बारिश से विभिन्न नाले, झीलें और चो, जैसे पटियाला की राव और सुखना चो, उफान पर हैं। इन जलाशयों में प्रवेश लोगों और पालतू पशुओं के लिए खतरे से खाली नहीं है। स्थिति को गंभीर मानते हुए डीसी निशांत यादव ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, अब कोई भी व्यक्ति स्वयं या पालतू पशु को नालों, चो, नदियों, तालाबों, झीलों में नहीं ले जा सकेगा।
उल्लंघन करने वालों पर भारतीय दंड संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश आपदा प्रबंधन टीम, पुलिस, सेना, अर्धसैनिक बल या अधिकृत सरकारी कर्मियों पर लागू नहीं होगा। यह आदेश दो से लागू होकर 31 अक्तूबर तक प्रभावी रहेगा।












