Chandigarh Municipal Corporation Ruckus in house meeting, questions over Rs 238 crore fund: चंडीगढ़ नगर निगम (Chandigarh Municipal Corporation): चंडीगढ़ नगर निगम की हाउस मीटिंग मंगलवार को हंगामे (Uproar) के साथ शुरू हुई। कांग्रेस पार्षदों ने बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए 238 करोड़ रुपये के फंड के इस्तेमाल पर सवाल उठाए। मेयर की कुर्सी के पास नारेबाजी और बैनर लहराते हुए पार्षदों ने बीजेपी को ‘झूठी पार्टी’ करार दिया। इसके साथ ही कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग (Community Center Booking) की कीमतों में बढ़ोतरी और आवारा कुत्तों के प्रबंधन जैसे मुद्दों ने भी चर्चा को गर्म कर दिया। आइए, इस मीटिंग के प्रमुख बिंदुओं को समझें।
MC Chandigarh: 238 करोड़ के फंड पर सवाल
कांग्रेस पार्षदों ने हाउस मीटिंग में 238 करोड़ रुपये के फंड (Municipal Funds) के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया। सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर सिंह बंटी और पार्षद गुरप्रीत ने बैनर लहराकर मेयर हरप्रीत कौर बबला से हिसाब मांगा। बैनर पर लिखा था, ‘भारतीय झूठी पार्टी है’। पार्षदों का कहना है कि प्रशासन ने यह राशि नगर निगम को दी थी, लेकिन इसका उपयोग कहां हुआ, यह स्पष्ट नहीं है। यह मुद्दा मीटिंग में हंगामे (Uproar) की वजह बना।
कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग में बढ़ोतरी
नगर निगम ने कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग (Community Center Booking) की कीमतों में 3 से 5 गुना बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा। अभी तक 24,000 रुपये में बुक होने वाले सेंटर अब 60,000 रुपये तक हो सकते हैं। यह प्रस्ताव पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP Model) के तहत लाया गया है। विपक्ष ने इसका विरोध करते हुए कहा कि इससे गरीब वर्ग को परेशानी होगी। हालांकि, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की लड़कियों की शादी के लिए मुफ्त बुकिंग की सुविधा जारी रहेगी।
लाल डोरे के बाहर जल कनेक्शन
चंडीगढ़ नगर निगम (Chandigarh Municipal Corporation) ने लाल डोरे के बाहर बने घरों को अस्थायी जल कनेक्शन (Temporary Water Connection) देने का प्रस्ताव दोबारा पेश किया। विभिन्न राज्यों के कोर्ट फैसलों का हवाला देकर इसे मजबूती दी गई है। यह मांग लंबे समय से थी, लेकिन प्रशासन की मंजूरी का इंतजार था। यह कदम शहर के बाहरी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए राहत ला सकता है।
अग्नि सुरक्षा नियमों में सख्ती
नगर निगम ने अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) नियमों को और सख्त करने का फैसला लिया है। अगर कोई आवेदक 6 महीने में फायर एनओसी (Fire NOC) नहीं लेता, तो उसका आवेदन रद्द हो जाएगा। यह बदलाव सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए है। सेक्टर 37 कम्युनिटी सेंटर में कथित घोटाले (Scam) के बाद बुकिंग स्टाफ बदला गया और जांच विजिलेंस को सौंपी गई, जिस पर भी मीटिंग में हंगामा होने की संभावना है।
पालतू और आवारा कुत्तों के लिए नए नियम
चंडीगढ़ नगर निगम (Chandigarh Municipal Corporation) ने पालतू और आवारा कुत्तों के प्रबंधन के लिए नए बायलॉज (Pet and Community Dogs Bylaws) प्रस्तावित किए। पालतू कुत्तों का पंजीकरण (Pet Registration) अनिवार्य होगा और उन्हें मेटल टोकन पहनना होगा। आवारा कुत्तों को खाना देने के लिए निर्धारित स्थान होंगे। नियम तोड़ने पर 10,000 रुपये का जुर्माना (Fine) लगेगा। सुखना लेक जैसे सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों को ले जाना प्रतिबंधित होगा।












