Chandigarh Property Tax 200 crores due, sword of attachment on 40 defaulters: चंडीगढ़ प्रॉपर्टी टैक्स 2025 को लेकर नगर निगम ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है! शहर में 200 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है, और अब निगम ने 40 बड़े डिफॉल्टरों को नोटिस थमा दिया है। इन पर 5 करोड़ से ज्यादा की राशि बकाया है। नोटिस का जवाब न देने वालों की संपत्ति कुर्क हो सकती है। हैरानी की बात? बकायादारों में सरकारी विभाग भी शामिल हैं! आखिर क्या है ये पूरा मामला? चलिए, इस खबर को समझते हैं।
Chandigarh Property Tax: डिफॉल्टरों पर निगम की सख्ती
चंडीगढ़ प्रॉपर्टी टैक्स 2025 (Chandigarh Property Tax 2025) की वसूली के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। 2004 से लागू प्रॉपर्टी टैक्स (property tax) का 200 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया है। निगम ने नई टैक्स दरों के आधार पर बकायादारों की लिस्ट तैयार की है।
40 बड़े डिफॉल्टरों को नोटिस भेजे गए हैं। इनमें व्यवसायिक और आवासीय संपत्ति मालिक शामिल हैं। निगम आयुक्त को नगर निगम अधिनियम की धारा 138 के तहत संपत्ति कुर्क करने, सील करने या नीलाम करने का अधिकार है। डिफॉल्टरों को एक महीने का समय दिया गया है। अगर टैक्स नहीं भरा गया, तो मकान या दुकान कुर्क (property seizure) हो सकती है।
सरकारी विभाग भी बकायादार
निगम का अगला निशाना सरकारी विभाग हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी, पीजीआई, और पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज जैसे संस्थानों पर करोड़ों रुपये का टैक्स बकाया है। कुछ मामलों में कानूनी विवाद (legal disputes) चल रहे हैं, लेकिन निगम अब इन पर भी नोटिस भेजने की तैयारी में है।
निगम अधिकारियों का कहना है, “कोई भी बख्शा नहीं जाएगा। सरकारी हो या निजी, टैक्स देना सबके लिए जरूरी है।” ये सख्ती वित्तीय संकट से जूझ रहे निगम की मजबूरी भी दिखाती है। प्रॉपर्टी टैक्स निगम की आय का सबसे बड़ा स्रोत है।
CAG की फटकार, रिकॉर्ड वसूली
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में निगम को प्रॉपर्टी टैक्स वसूली (tax recovery) में लापरवाही के लिए लताड़ा है। CAG के मुताबिक, निगम के पास प्रभावी मॉनिटरिंग सिस्टम नहीं है। इस फटकार के बाद निगम ने सख्ती बढ़ाई।
हालांकि, अच्छी खबर ये है कि छूट की स्कीम के चलते पिछले दो महीनों में निगम ने 62 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड वसूली की है। ये पिछले साल से दोगुना है। फिर भी, 200 करोड़ का बकाया निगम के लिए बड़ी चुनौती है।
चंडीगढ़ प्रॉपर्टी टैक्स 2025 (Chandigarh Property Tax 2025) का बकाया चुकाने का समय अब कम बचा है। निगम की सख्ती और कुर्की की चेतावनी ने डिफॉल्टरों की नींद उड़ा दी है। सरकारी विभागों को भी नोटिस का इंतजार है। शहरवासियों से अपील है कि टैक्स समय पर चुकाएं, वरना संपत्ति खोने का खतरा है।












