Dadri Flood Alert (चरखी दादरी-इमलोटा) : जिले में अब तक हुई 480 एमएम बारिश से करीब 9 हजार एकड़ फसलों में जलभराव हुआ था। मगर पिछले दो दिन से लगातार रुक रुक कर हुई 75 एमएम बारिश ने आम जन जीवन को प्रभावित कर दिया है। अब बरसाती पानी खेतों में ही नहीं गांव की गलियों, सड़कों, स्कूलों और मकानों तक पहुंच गया है। लेकिन अभी भी यह आफत कम नहीं बल्कि बढ़ती दिखाई दे रही है। क्योंकि मौसम विभाग ने 24 घंटे के लिए जिले में क्लो अलर्ट जारी कर दिया है। इसे देखते हुए डीसी ने बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर हेल्प लाइन नंबर 01250-295554 जारी कर दिया है।
वहीं जन स्वास्थ्य विभाग, पीडब्लूडी, सिंचाई विभाग अधिकारियों को मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश जारी कर दिए हैं। दो दिन रविवार और सोमवार को लगातार रुक रुक कर हो रही बारिश ने शहर में बुरे हालात पैदा कर दिए हैं। बाजार में डेढ़ से दो फीट तक पानी भरा हुआ है। जिससे दुकानों में भी पानी घुस गया है। यहीं नहीं जलभराव के कारण शहर में मकानों से लेकर मंदिर तक को अपनी चपेट में ले लिया है। जैसे ही जन स्वास्थ्य विभाग पानी निकासी करता है, दोबारा से बारिश शुरू हो जाती है। ऐसे में जलभराव से राहत नहीं मिल पा रही है।
शहर और कन्हेटी के स्कूल में जलभराव शहर के शहीद दलबीर सिंह वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और गांव कन्हेटी का राजकीय उच्च विद्यालय भी बरसाती पानी की चपेट में आ गए हैं। दोनों ही स्कूलों में डेढ़ से दो फीट तक पानी भर गया है। विद्यार्थियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। फिलहाल स्कूल स्टाफ ने बच्चों को क्लास रूम से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी है। लेकिन अगर दो दिन बारिश हुई तो यह पानी क्लास रूम के अंदर भी पहुंच जाएगा।
अधिकारियों के आवास ही चपेट में
बरसाती पानी से सोमवार को शहर भर की सड़कें तालाब बनी दिखाई दी। वैसे जलभराव से निपटने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी लगे रहे और जलभराव का स्तर ज्यादा बढ़ने नहीं दिया। फिलहाल सोमवार शाम 7 बजे तक सभी सड़कें और गलियां पानी से लबालब थी। यहां खुद डीसी, एसपी, एसडीएम, सीटीएम व डीएसपी के आवास भी जलभराव की चपेट में आ गए। जब जिला के आला अधिकारी ही जलभराव की चपेट में आ गए।
अधिकारियों को मुख्यालय न छोड़ने के आदेश जारी
डीसी मुनीश शर्मा ने कहा कि मौसम को देखते हुए 24 घंटे का अलर्ट जारी कर दिया है। बाढ़ नियंत्रण केंद्र स्थापित कर दिया गया है। इसका हेल्प लाइन नंबर 01250295554 है जो 24 घंटे मदद के लिए खुला रहेगा। वहीं हालातों को देखते हुए जन स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग, पीडब्लूडी और नगर परिषद अधिकारियों व कर्मचारियों की छुट्टियां कैंसिल कर दी गई हैं और इन्हें मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश जारी किए गए हैं।
फसलों में 40 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान
जिले में बरसाती पानी की चपेट में करीब 26 गांव आ चुके हैं। इन गांव की करीब 12 हजार एकड़ फसलें पानी में डूब गई हैं। इन खेतों में लगी बाजरा, कपास व ज्वार की फसले आधी से ज्यादा खराब हो गई हैं। बाजरा व कपास में 40 प्रतिशत तक नुकसान हो चुका है। कृषि विशेषज्ञ डॉ चंद्रभान श्योराण ने कहा कि बारिश से फसलों में नुकसान बढ़ता जा रहा है।
बारिश रुकने के 2 घंटे बाद नहीं दिखेगा जलभराव
जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन सोहन लाल जांगड़ा ने कहा कि हमारी पूरी तैयारी है। शहर में कहीं पर भी जलभराव नहीं होने दिया जाएगा। बारिश के दौरान ही जलभराव हो रहा है। बारिश रुकने के 2 घंटे में ही सड़कें खाली कर दी जा रही हैं। हम शहरवासियों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने देंगे।












