Dayalu Yojana in Haryana: हरियाणा सरकार ने गरीब परिवारों के लिए एक खास योजना शुरू की है, जिसका नाम है दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना-द्वितीय, यानी दयालु योजना।
इस योजना के तहत अगर कोई व्यक्ति आवारा कुत्तों, पालतू कुत्तों या अन्य आवारा जानवरों (जैसे गाय, भैंस, बैल, खच्चर) के हमले में घायल होता है या उसकी मृत्यु हो जाती है, तो सरकार की ओर से आर्थिक मदद दी जाएगी। यह योजना खास तौर पर उन अंत्योदय परिवारों के लिए है, जिनके पास परिवार पहचान पत्र है और जिनकी सालाना आय 1.80 लाख रुपये से कम है। आइए, इस योजना की पूरी जानकारी आसान भाषा में समझते हैं।
क्या है दयालु योजना? Dayalu Yojana
उपायुक्त शांतनु शर्मा के मुताबिक, दयालु योजना के तहत आवारा कुत्तों या जानवरों के हमले से होने वाली गंभीर चोट, स्थायी विकलांगता या मृत्यु के मामलों में आर्थिक सहायता दी जाएगी।
अगर किसी व्यक्ति को हमले में 70% या उससे ज्यादा स्थायी विकलांगता होती है, तो उसकी उम्र के आधार पर 1 लाख से 5 लाख रुपये तक की मदद मिलेगी। मृत्यु के मामले में भी उम्र के हिसाब से 1 लाख से 5 लाख रुपये तक की राशि पीड़ित परिवार को दी जाएगी। इसके अलावा, मामूली चोट के लिए 10,000 रुपये और कुत्ते के काटने के गंभीर मामलों में 20,000 रुपये की अतिरिक्त मदद मिलेगी।
आवेदन और जांच की प्रक्रिया
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन ऑनलाइन करना होगा। आपको आधिकारिक वेबसाइट https://dapsy.finhry.gov.in/ पर जाकर आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ कुछ जरूरी दस्तावेज जैसे एफआईआर/डीडीआर, मेडिकल सर्टिफिकेट और परिवार पहचान पत्र नंबर देना अनिवार्य है।
पुराने मामलों के लिए 90 दिनों की छूट भी दी गई है। जिला स्तर पर एक समिति बनाई गई है, जिसमें उपायुक्त चेयरमैन होंगे और पुलिस अधीक्षक, सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट, डीटीओ और सीएमओ के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह समिति दावों की जांच कर 120 दिनों में फैसला लेगी।
कब से लागू है योजना?
दयालु योजना 5 सितंबर 2025 से लागू हो चुकी है और इसे हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास संचालित कर रहा है। अगर आपको इस योजना के बारे में और जानकारी चाहिए, तो आप अपने नजदीकी तहसील कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। यह योजना गरीब परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा है, जो अनहोनी की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा देगी।










