कैथल (crops compensation)। दिवाली का त्योहार बीते भी 21 दिन का समय हो गया है, लेकिन किसानों को अभी तक केवल मुआवजे की जगह आश्वासन ही मिला है। बारिश और नदियों में आए पहाड़ों से पानी के कारण खेतों में हुए जलभराव ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया था।
Compensation: दिवाली बीती नहीं मिला मुआवजा
सरकार की तरफ से दिवाली से पहले मुआवजा देने का आश्वासन किसानों को दिया था, लेकिन अभी तक भी मुआवजा न मिलने के चलते किसान मुआवजे की बाट में हैं। मुआवजे की राशि अभी तक भी किसानों के खाते में नहीं पहुंची है।
कैथल जिला के लगभग 273 गांव के 9,745 किसानों ने पोर्टल पर अप्लाई किया था। गुहला-चीका, सीवन, पूंडरी, कलायत और ढांड क्षेत्र में धान व अन्य फसलों को नुकसान हुआ था। पटवारियों के सर्वे के बाद भी किसानों की मुआवजा राशि अटकी पड़ी है।
धान की फसलों को लेकर आवेदन
किसान नेता अंग्रेज सिंह ने बताया कि किसानों पर पहले से ही कुदरत की मार पड़ी हुई है, ऊपर से किसानों की मुआवजा राशि में देरी करके उनको परेशान किया जा रहा है। सरकार को जल्द से जल्द मुआवजे की राशि किसानों के खाते में डालनी चाहिए। ताकि किसान अपना गुजर-बसर आसानी से कर सके।
मुख्य रूप से बौने पौधे व हल्दी रोग के एरिया के किसानों ने धान की फसलों को लेकर आवेदन किया है। वहीं, घग्गर से आई बाढ़ से मुख्य रूप से धान की फसल को नुकसान देखने को मिला है। ऐसे में इन दो फसलों के किसानों ने मुख्य रूप से आवेदन किए हैं।












