यमुनानगर (Property tax)। नगर निगम ने प्राॅपर्टी टैक्स न भरने वाले लोगों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सोमवार को चांदपुर स्थित एक बंद फैक्ट्री समेत पांच व्यावसायिक संपत्तियों को सील कर दिया। इन संपत्तियों के मालिकों पर निगम का 14 लाख 6,316 रुपये संपत्ति कर बकाया है। चांदपुर में एक संपत्ति मालिक ने संपत्ति सील होने से पहले मौके पर ही अपना टैक्स जमा करवा दिया। जिसके चलते उसकी संपत्ति को सील नहीं किया गया।
Property tax: अधिनियम-1994 के तहत नोटिस जारी
नगर निगम ने कुछ माह पहले एक लाख रुपये से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स के बकायादारों को हरियाणा नगर निगम अधिनियम-1994 के तहत नोटिस जारी किए थे। नोटिस मिलने पर कुछ प्रॉपर्टी मालिकों ने टैक्स जमा करा दिया था। जिन बकायेदारों ने अभी तक प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं कराया, उनकी संपत्ति सील की जा रही है। दस दिन पहले ही नगर निगम ने जगाधरी में इंजीनियरिंग कॉलेज समेत 13 संपत्तियां सील की थी। वहीं एक लाख से अधिक बकाया वाले करीब 2800 लोगों को निगम ने नोटिस जारी कर रखा है।
नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद के निर्देशों पर संपत्तियां सील करने के लिए यमुनानगर जोन में क्षेत्रीय कराधान अधिकारी अजय वालिया व जितेंद्र मल्होत्रा और जगाधरी जोन में क्षेत्रीय कराधान अधिकारी एवं कार्यालय अधीक्षक संजय के नेतृत्व में टीमें गठित की गई। अजय वालिया, जितेंद्र मल्होत्रा की टीम सोमवार देर शाम सबसे पहले चांदपुर पहुंची। यहां निगम की टीम ने आरसी प्रोडक्ट फैक्टरी को सील कर दिया।
मौके पर संपत्ति कर जमा करवाया
हालांकि अब यह फैक्टरी बंद हो चुकी है। इस संपत्ति पर नगर निगम का 3,93,563 रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया था। यहीं पर नगर निगम की टीम अयूब खान की दुकान को सील करने पहुंची। लेकिन संपत्ति मालिक ने मौके पर ही संपत्ति कर जमा करवा दिया। जिसके चलते उसकी संपत्ति को सील नहीं किया गया। इसके बाद निगम की टीम ने जैन कॉलोनी स्थित सुमित कुमार की दुकान को सील किया।
इस पर 1,73,787 रुपये टैक्स बकाया था। टीम ने विश्वकर्मा चौक पर प्रभा रानी व संतोष की दुकानों को सील कर दिया। प्रभा रानी पर 1,70,908 रुपये और संतोष की संपत्ति पर 2,13,000 रुपये संपत्ति कर बकाया था। इसके बाद निगम की टीम मॉडल टाउन वेयरहाउस के पास पहुंची। यहां दलजीत सिंह की दुकान को सील कर दिया।
इस संपत्ति पर नगर निगम का 4,55,058 रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। इन सभी बकायेदारों पर निगम का 14 लाख 6,316 रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। संपत्तियां सील करने के साथ ही निगम द्वारा उन पर चेतावनी नोटिस चस्पाया कि यदि नगर निगम की अनुमति के बिना सील से छेड़छाड़ की या इसे खोलने का प्रयास किया गया तो कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सील से बचने के लिए टैक्स जमा कराएं
नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने बताया कि प्रॉपर्टी टैक्स जमा न कराने वालों की अब संपत्तियां सील की जाएगी। सीलिंग कार्रवाई से बचने के लिए संपत्ति मालिक अपना बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराए। जिनकी संपत्ति सील की गई है, उन्हें कई बार नोटिस जारी कर चेताया गया था। टैक्स जमा न कराने पर बकायादारों को सुनवाई के लिए निगम कार्यालय बुलाया गया था। सुनवाई के बाद भी संपत्ति कर जमा न कराने पर सीलिंग कार्रवाई की गई। एक लाख से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स के बकायादारों की प्रॉपर्टी सील की जाएगी।












