Harmanpreet Kaur Captaincy Resignation : भारतीय महिला क्रिकेट में एक ऐतिहासिक युग का पटाक्षेप हो गया है। टीम इंडिया को पहला वनडे विश्व कप जिताने वाली 37 वर्षीय दिग्गज कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को तीनों प्रारूपों की कप्तानी तत्काल प्रभाव से छोड़ दी। सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि बतौर कप्तान उन्होंने अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाई है और अब वह एक बार फिर बिना किसी दबाव के सिर्फ खेल के प्रति अपने प्रेम और जुनून के लिए मैदान पर उतरेंगी।
हरमनप्रीत कौर (indian womens cricket captain) का यह बड़ा कदम गुवाहाटी में आयोजित भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के ठीक बाद सामने आया। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया की अगुआई में हुई इस बैठक में मुख्य कोच अमोल मजूमदार, उपकप्तान स्मृति मंधाना (smriti mandhana next captain) और हरमनप्रीत स्वयं मौजूद रहीं, जहां पिछले महीनों के प्रदर्शन और भावी रणनीतियों पर गहन मंथन हुआ। इस फैसले के बाद उपकप्तान स्मृति मंधाना का नया भारतीय कप्तान बनना तय माना जा रहा है।
भावुक विदाई और लॉर्ड्स का स्मरण
कप्तानी से हटने का ऐलान करते हुए हरमनप्रीत ने ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान की ओर मुंह किए अपनी एक तस्वीर साझा की। उन्होंने लिखा कि यह फैसला उनके लिए बेहद भावुक और कठिन रहा, क्योंकि इसके साथ वर्षों का त्याग, अनगिनत यादें और भावनाएं जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस टीम को अपना खून-पसीना दिया और हमेशा व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर टीम के हित को रखा।
हरमनप्रीत ने साफ किया कि वह तीनों प्रारूपों में बतौर खिलाड़ी भारत के लिए खेलती रहेंगी। उन्होंने कहा कि कप्तानी का दौर भले समाप्त हो गया हो, लेकिन उनका सफर जारी है। कठिन दौर में हुई आलोचनाओं और स्वर्णिम पलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह पूरी तरह शांत मन से यह जिम्मेदारी छोड़ रही हैं, क्योंकि वर्तमान टीम का भविष्य बेहद उज्ज्वल और सुरक्षित हाथों में है।
एक दशक का गौरवशाली सफर
हरमनप्रीत कौर ने साल 2016 में पहली बार भारतीय टी20 टीम की बागडोर संभाली थी और लगभग एक दशक तक नेतृत्व किया। इसके बाद 2022 में उन्हें वनडे टीम की कमान मिली और 2023 से वह तीनों प्रारूपों में नियमित कप्तान बनीं। अपने शानदार कप्तानी करियर में उन्होंने 5 टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत की अगुआई की।
उनकी कप्तानी में भारत ने पिछले साल पहली बार वनडे विश्व कप की ट्रॉफी जीतकर नया इतिहास रचा था। इसके अलावा टीम ने एशियाई खेलों के टी20 प्रारूप में लगातार दो बार स्वर्ण पदक अपने नाम किया और 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में ऐतिहासिक रजत पदक जीता। इससे पहले उन्होंने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक तक नेतृत्व की इच्छा जताई थी, लेकिन हालिया परिस्थितियों ने उनके इस सफर को नया मोड़ दे दिया।
खराब फॉर्म और कप्तानी का दबाव
इस साल की शुरुआत में भारतीय टीम टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सकी थी, जिसके बाद से टीम के प्रदर्शन और नेतृत्व पर सवाल उठ रहे थे। विशेष रूप से टी20 प्रारूप में हरमनप्रीत के बल्ले से रनों का सूखा चल रहा था, जिससे पूर्व खिलाड़ी डायना एडुल्जी सहित कई क्रिकेट पंडितों ने बदलाव की मांग उठाई थी।
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हरमनप्रीत ने अपने बयान में स्वीकार किया कि कप्तान के रूप में कई बार कड़े फैसले लेने पड़े, जिनकी उन्हें व्यक्तिगत कीमत भी चुकानी पड़ी। हालांकि, उनके फैसलों का मूल मकसद साथी खिलाड़ियों में आत्मविश्वास भरना और भारतीय क्रिकेट को शिखर तक पहुंचाना था। अब उनके पद छोड़ने के बाद स्मृति मंधाना के कंधों पर टीम को आगामी ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में नई ऊंचाइयों पर ले जाने का दारोमदार होगा। #HarmanpreetKaur #TeamIndia #WomensCricket #BCCI













