Haryana Cabinet Meeting: Good news for employees, what are the new decisions?: हरियाणा कैबिनेट मीटिंग (Haryana Cabinet Meeting) ने राज्य के कर्मचारियों और नागरिकों के लिए कई बड़े बदलावों की नींव रखी है। चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 30 से अधिक महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम से लेकर कर्मचारियों के कल्याण और नई भूमि नीति तक, इस बैठक ने हरियाणा के भविष्य को और मजबूत करने का वादा किया है। आइए, इन फैसलों को विस्तार से समझते हैं।
भ्रष्टाचार पर सख्ती और कर्मचारियों को राहत Haryana Cabinet Meeting
हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार (Corruption) के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को और मजबूत किया है। बैठक में भ्रष्टाचार के आरोपी एचसीएस अधिकारी अश्विनी कुमार को जबरन रिटायर (Forced Retirement) करने का फैसला लिया गया। यह कदम न केवल पारदर्शिता को बढ़ावा देगा, बल्कि सरकारी तंत्र में विश्वास को भी मजबूत करेगा।
इसके साथ ही, एंटी करप्शन ब्यूरो का नाम बदलकर राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti-Corruption Bureau) करने को मंजूरी दी गई, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ और प्रभावी कार्रवाई का संकेत है।
कर्मचारियों के लिए भी कई सकारात्मक फैसले लिए गए। रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार की तर्ज पर यूनिफाइड पेंशन स्कीम (Unified Pension Scheme) लागू की गई है।
यह योजना 2006 के बाद नौकरी शुरू करने वाले कर्मचारियों को उनकी अंतिम 12 महीनों की सैलरी के आधार पर पेंशन प्रदान करेगी। इसके अलावा, कर्मचारियों के निधन के बाद उनके परिवार को अब सरकारी आवास (Government Housing) की सुविधा 1 साल के बजाय 2 साल तक मिलेगी। यह फैसला कर्मचारी कल्याण (Employee Welfare) के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
महिला कर्मचारियों के लिए विशेष सुविधाएं
महिला कर्मचारियों (Women Employees) के लिए भी इस बैठक में कई अच्छी खबरें आईं। उनकी आकस्मिक छुट्टियों (Casual Leave) की संख्या को 20 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। साथ ही, HKRN (Haryana Kaushal Rozgar Nigam) की महिला कर्मचारियों को एक अतिरिक्त छुट्टी दी जाएगी। ये कदम महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) और कार्यस्थल पर उनकी सुविधा को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
इसके अलावा, नई भूमि खरीद नीति 2025 (Land Acquisition Policy 2025) को मंजूरी दी गई है। इस नीति के तहत भूमि मालिक अपनी जमीन को अधिकतम रेट पर बेच सकेंगे। सड़कों के लिए भूमि अधिग्रहण में NHAI मॉडल (NHAI Model) अपनाया जाएगा, और 5 करम का पहुंच मार्ग (Approach Road) सुनिश्चित किया जाएगा। यह नीति न केवल किसानों को लाभ पहुंचाएगी, बल्कि विकास परियोजनाओं (Development Projects) को भी गति देगी।
नई भूमि नीति और प्रोत्साहन राशि
हरियाणा कैबिनेट ने नई भूमि नीति (Land Policy) के तहत कई प्रावधान किए हैं। एग्रीगेटर को 70% या उससे अधिक जमीन इकट्ठा करने पर 1000 से 3000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि (Incentive Amount) दी जाएगी। इसके साथ ही, सुविधा शुल्क के रूप में कुल लेनदेन लागत का 1% दो किस्तों में दिया जाएगा। यह नीति भारत सरकार के विभागों और निकायों को भी विकास परियोजनाओं के लिए जमीन खरीदने में मदद करेगी। यह कदम हरियाणा के ग्रामीण और शहरी विकास (Rural and Urban Development) को नई दिशा देगा।
यह कैबिनेट मीटिंग (Cabinet Meeting) हरियाणा के लिए एक नई शुरुआत है। भ्रष्टाचार पर नकेल, कर्मचारी कल्याण, और विकास नीतियों के साथ सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह हर वर्ग के हितों को ध्यान में रख रही है। यह कदम न केवल हरियाणा के नागरिकों के लिए लाभकारी हैं, बल्कि राज्य के विकास को भी नई गति देंगे।













