Haryana Land Sale Policy: Sale of partial part of land approved, know the benefits: हरियाणा भूमि बिक्री नीति (Haryana Land Sale Policy) के तहत राज्य सरकार ने जमीन मालिकों को बड़ी राहत दी है। अब मालिक अपनी जमीन का आंशिक हिस्सा (Partial Land Sale) विकास परियोजनाओं के लिए बेच सकेंगे। पहले ऐसा कोई प्रावधान नहीं था, जिससे कई परियोजनाएं रुकी रहती थीं।
हरियाणा मंत्रिमंडल ने 2025 की इस नई नीति को मंजूरी दे दी है। यह कदम न केवल जमीन मालिकों को आर्थिक लाभ देगा, बल्कि विकास कार्यों (Development Projects) को भी गति देगा। आइए, इस नीति की खासियत और इसके फायदे जानते हैं।
आंशिक बिक्री की नई सुविधा Haryana Land Sale Policy
हरियाणा सरकार की नई नीति के तहत जमीन मालिक अब अपनी पूरी जमीन बेचने की मजबूरी से बच सकेंगे। पहले मालिकों को पूरी जमीन कम दाम पर बेचनी पड़ती थी।
अब वे अपनी जमीन का सिर्फ जरूरी हिस्सा (Partial Land Sale) ही बेच सकते हैं। यह नीति सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और कंपनियों पर लागू होगी। इससे मालिकों को उचित खरीदार मिलेगा और अच्छी कीमत मिलेगी। नीति का लक्ष्य है कि मालिकों को आर्थिक नुकसान न हो। यह कदम विकास परियोजनाओं को सुचारू रूप से चलाने में मदद करेगा।
बिचौलियों को प्रोत्साहन राशि
इस नीति में बिचौलियों (Intermediaries) को भी शामिल किया गया है। उन्हें लेन-देन की कुल लागत का 1% सुविधा शुल्क (Facilitation Fee) मिलेगा। यह शुल्क दो किश्तों में दिया जाएगा। पहली किश्त रजिस्ट्री और दूसरी किश्त म्यूटेशन या कब्जे (Possession) के बाद मिलेगी।
इसके अलावा, यदि बिचौलिए परियोजना के लिए 70% जमीन अपलोड करते हैं, तो उन्हें 1000 से 3000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि (Incentive Amount) दी जाएगी। यह प्रावधान बिचौलियों को सक्रिय करने और प्रक्रिया को तेज करने में मदद करेगा।
हरियाणा सेवा आयोग की नई शक्तियां
हरियाणा सेवा आयोग को इस नीति के तहत नई जिम्मेदारी दी गई है। अब आयोग उन मामलों में स्वतः संज्ञान ले सकेगा, जहां विभाग समय पर आवेदन या अपील का निपटारा (Resolution Delay) नहीं करते। देरी होने पर आयोग सीधे आदेश पारित करेगा।
यह प्रावधान प्रशासनिक जवाबदेही (Administrative Accountability) को बढ़ाएगा। इससे जमीन मालिकों को समय पर न्याय मिलेगा। यह नीति विकास परियोजनाओं को गति देगी और मालिकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी। लोगों से अपील है कि वे इस नीति का लाभ उठाएं।













