चंडीगढ़, 02 अप्रैल (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। हरियाणा सरकार ने प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने के अपने संकल्प को दोहराते हुए ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ का नया शेड्यूल जारी कर दिया है। आगामी 5 मई को कुरुक्षेत्र की पावन धरा से तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब, नांदेड़ (महाराष्ट्र) के लिए एक विशेष ट्रेन रवाना की जाएगी। मुख्यमंत्री नायब सैनी खुद इस ट्रेन को झंडी दिखाकर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए श्रद्धालुओं को विदा करेंगे। यह यात्रा पूरी तरह निःशुल्क होगी और इसका लाभ उन बुजुर्गों को मिलेगा जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है और परिवार पहचान पत्र (PPP) में उनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम दर्ज है।
पंजीकरण के नियम और जरूरी दस्तावेज
इस पुण्य यात्रा का हिस्सा बनने के इच्छुक लाभार्थियों को ‘सरल हरियाणा’ पोर्टल पर अपना ऑनलाइन आवेदन 15 अप्रैल तक पूरा करना होगा। आवेदन के लिए परिवार पहचान पत्र (Family ID), आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। इसके साथ ही, आवेदक को शारीरिक रूप से फिट होने का स्वयं घोषणा पत्र और पिछले तीन वर्षों में इस योजना का लाभ न लेने का हलफनामा भी देना होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई वरिष्ठ नागरिक अपने साथ किसी सहायक (Attendant) को ले जाना चाहता है, तो उसे सहायक का पूरा किराया खुद वहन करना होगा।
‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर चयन
योजना में सीटों का आवंटन ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा, इसलिए पात्र व्यक्तियों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते अपना स्लॉट बुक कर लें। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद आवेदकों को अपनी जानकारी संबंधित जिले के जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी (DIPRO) कार्यालय में 16 अप्रैल से पहले देनी होगी। यह प्रक्रिया इसलिए अनिवार्य है ताकि रेलवे को अंतिम सूची समय पर भेजी जा सके और यात्रियों के लिए रहने, खाने व स्थानीय परिवहन के पुख्ता इंतजाम किए जा सकें। यह योजना विशेष रूप से उन परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है जो आर्थिक तंगी के कारण दूरस्थ धार्मिक स्थलों की यात्रा करने में सक्षम नहीं थे।
सहायक का खर्च और यात्रा मार्ग का पूरा विवरण
मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। यदि तीर्थयात्री की आयु 70 वर्ष से अधिक है, तो वह अपने परिवार के किसी सदस्य (पति/पत्नी या रक्त संबंधी) को सहायक के रूप में साथ ले जा सकता है।
सहायक के लिए खर्च का गणित
मुख्य तीर्थयात्री (जिसकी आय 1.80 लाख से कम है) के लिए पूरी यात्रा 100% मुफ्त है, लेकिन उनके साथ जाने वाले सहायक को रेलवे द्वारा निर्धारित द्वितीय श्रेणी (2nd Class) के टिकट का किराया और यात्रा के दौरान प्रबंधन शुल्क का भुगतान करना होगा। यह राशि लगभग ₹2,500 से ₹3,500 के बीच हो सकती है (सटीक राशि रेलवे के अंतिम चार्ट के बाद पोर्टल पर दिखाई देगी)। सहायक के रहने और खाने की व्यवस्था सरकार उसी होटल या धर्मशाला में करेगी जहाँ मुख्य यात्री रुकेगा।
ट्रेन का संभावित मार्ग और स्टॉपेज
5 मई को मुख्यमंत्री नायब सैनी कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन से इस ‘आस्था स्पेशल’ ट्रेन को झंडी दिखाएंगे। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रेन का मार्ग निम्नलिखित स्टेशनों को कवर करेगा:
कुरुक्षेत्र (प्रस्थान बिंदु)
करनाल (यहाँ से यमुनानगर और कैथल की संगत सवार होगी)
पानीपत (सोनीपत और रोहतक के यात्री यहाँ जुड़ेंगे)
नई दिल्ली/हजरत निजामुद्दीन (फरीदाबाद, गुरुग्राम और पलवल के लाभार्थियों के लिए अंतिम बोर्डिंग पॉइंट)
आगरा/झांसी (तकनीकी पड़ाव)
नांदेड़ (गंतव्य)
चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता
चूंकि इस विशेष ट्रेन में सीटों की संख्या सीमित (लगभग 700 से 800) है, इसलिए ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर ही सीटों का आवंटन होगा। यदि किसी जिले से आवेदकों की संख्या अधिक होती है, तो कंप्यूटर द्वारा रैंडम ड्रा के जरिए चयन किया जाएगा। आवेदकों को सलाह दी गई है कि वे 15 अप्रैल तक अपना पंजीकरण कराकर रसीद सुरक्षित रख लें और उसे अपने नजदीकी DIPRO कार्यालय में जमा कराएं।
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