देश के सबसे बड़े क्रेडिट कार्ड जारीकर्ताओं में से एक, एसबीआई कार्ड (SBI Card) ने अपने सेवा शुल्कों में संशोधन की घोषणा की है। बैंक द्वारा जारी नए नोटिफिकेशन के अनुसार, 1 मई 2026 से लेट पेमेंट चार्ज (Late Payment Charges) की गणना के तरीके बदल जाएंगे। यह बदलाव उन ग्राहकों को सबसे ज्यादा प्रभावित करेगा जो छोटी राशि का भुगतान समय पर नहीं कर पाते हैं। बैंक का उद्देश्य क्रेडिट अनुशासन को बढ़ावा देना है, लेकिन आम आदमी के लिए अब छोटी सी चूक भी महंगी साबित होगी। यदि आप अपनी पूरी बकाया राशि या कम से कम ‘मिनिमम अमाउंट ड्यू’ (MAD) का भुगतान नियत तारीख तक कर देते हैं, तो आप पर इन बढ़ी हुई दरों का कोई असर नहीं होगा।
छोटे बकाया पर अब नहीं मिलेगी राहत
नए नियमों का सबसे बड़ा प्रहार उन ग्राहकों पर है जो ₹500 से कम का बकाया रखते थे। अब तक एसबीआई कार्ड ₹100 से ₹500 तक की बकाया राशि पर कोई विलंब शुल्क नहीं वसूलता था, जिसे बैंक ‘फ्री ज़ोन’ कहता था। 1 मई 2026 से यह फ्री ज़ोन खत्म हो जाएगा और मात्र ₹101 बकाया होने पर भी आपको ₹100 का जुर्माना भरना होगा। इसी तरह, ₹500 से ₹1,000 के बीच की राशि पर लगने वाले ₹400 के शुल्क को बढ़ाकर अब ₹500 कर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि क्रेडिट कार्ड बाजार में बढ़ते कॉम्पिटिशन के बीच एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) और आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) जैसे प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले एसबीआई अपने रेवेन्यू मॉडल को और अधिक सख्त बना रहा है।
जानिए क्या है नया चार्ज स्ट्रक्चर (1 मई 2026 से प्रभावी)
बैंक ने स्पष्ट किया है कि ₹1,000 से ऊपर की सभी श्रेणियों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। ₹50,000 से अधिक के बकाया पर अधिकतम ₹1,300 का शुल्क बरकरार रहेगा। विस्तृत विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
मुख्य बदलावों का विवरण
₹101 से ₹500 का स्लैब: अब तक ₹100 से ₹500 तक की बकाया राशि पर कोई लेट पेमेंट शुल्क नहीं लगता था, लेकिन नए नियमों के तहत अब इस पर ₹100 का चार्ज लगेगा।
₹501 से ₹1,000 का स्लैब: इस स्लैब में लेट पेमेंट शुल्क को ₹400 से बढ़ाकर ₹500 कर दिया गया है।
उच्च बकाया राशियाँ: ₹1,000 से अधिक की बकाया राशि वाले अन्य सभी स्लैब के शुल्कों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
नोट: यदि आप नियत तारीख (Due Date) तक कम से कम न्यूनतम देय राशि (Minimum Amount Due) का भुगतान कर देते हैं, तो लेट पेमेंट शुल्क लागू नहीं होगा।
क्रेडिट स्कोर पर असर और बचाव के तरीके
विलंब शुल्क केवल एक वित्तीय दंड नहीं है, बल्कि यह आपके सिबिल (CIBIL) स्कोर को भी बुरी तरह प्रभावित करता है। भुगतान में 30 दिनों से अधिक की देरी होने पर बैंक क्रेडिट ब्यूरो को इसकी रिपोर्ट करते हैं, जिससे भविष्य में लोन मिलना मुश्किल हो सकता है। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने कार्ड पर ‘ऑटो-डेबिट’ की सुविधा सक्रिय करें ताकि नियत तारीख को कम से कम न्यूनतम राशि का भुगतान स्वतः हो जाए। बैंकिंग जानकारों का कहना है कि यह बदलाव विशेष रूप से उन युवाओं को लक्षित करता है जो कम बजट में क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते हैं और अक्सर छोटे बिलों को नजरअंदाज कर देते हैं।
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