Haryana revenue record: Haryana revenue record: End of Mughal era words, land papers will be simplified: हरियाणा रेवेन्यू रिकॉर्ड (Haryana revenue record) में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। नायब सैनी सरकार ने मुगलकाल से चले आ रहे 900 फारसी और अरबी शब्दों को हटाने का फैसला किया है। इन जटिल शब्दों की जगह हिंदी और अंग्रेजी के सरल शब्दों का इस्तेमाल होगा।
यह कदम आम लोगों के लिए जमीन के कागजात (land documents) को समझने में आसानी लाएगा और फर्जीवाड़े (fraud) को रोकेगा। 2023 में गठित वन मैन रेवेन्यू कमीशन की सिफारिशों के बाद यह निर्णय लिया गया है। आइए, इस पहल की पूरी जानकारी समझते हैं।
मुगलकाल से चली आ रही परंपरा Haryana revenue record
16वीं शताब्दी में मुगल शासक अकबर के वित्त मंत्री टोडरमल ने जमीन के रिकॉर्ड (land records) के लिए फारसी शब्दों का इस्तेमाल शुरू किया था। वाहिब, मुतबन्ना, तरमीम, मालगुजारी जैसे शब्द तब से राजस्व रिकॉर्ड में प्रचलित हैं। अंग्रेजी शासनकाल में भी इनका उपयोग जारी रहा।
आज भी ये शब्द राजस्व विभाग के दस्तावेजों में मौजूद हैं। लेकिन आम लोग इन्हें समझ नहीं पाते। केवल तहसील कर्मचारी और वसीका नवीस ही इनका मतलब जानते हैं। इस जटिलता के कारण कई जगह फर्जीवाड़े (fraud) की शिकायतें सामने आईं। यह बदलाव लोगों की परेशानी को खत्म करेगा।
कमीशन की सिफारिश और सरलीकरण
2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रिटायर्ड IAS वीएस कुंडू की अध्यक्षता में वन मैन रेवेन्यू कमीशन बनाया। ढाई साल की मेहनत के बाद इस कमीशन ने 900 फारसी-अरबी शब्दों की सूची तैयार की। इन शब्दों के हिंदी और अंग्रेजी अर्थ भी दिए गए हैं।
सरकार अब इनके स्थान पर सरल शब्दों की बुकलेट जारी करेगी। यह बुकलेट राजस्व विभाग की वेबसाइट (official website) पर अपलोड होगी। इससे लोग जमीन के कागजात (land documents) आसानी से समझ सकेंगे। सभी जिला उपायुक्तों से सुझाव मांगे गए हैं ताकि सूची को अंतिम रूप दिया जा सके।
लोगों के लिए राहत, फर्जीवाड़े पर रोक
यह फैसला आम लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा। जटिल शब्दों जैसे जद्दी, बारानी, और फरीक अव्वल के कारण लोग अक्सर धोखे का शिकार हो जाते थे। नए शब्दों के इस्तेमाल से रेवेन्यू रिकॉर्ड (revenue simplification) पारदर्शी और समझने योग्य होगा।
यह कदम फर्जीवाड़े (fraud prevention) को रोकने में भी मदद करेगा। सरकार का यह प्रयास हरियाणा के राजस्व विभाग को आधुनिक और जन-हितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लोग अब बिना किसी परेशानी के अपनी जमीन के दस्तावेज समझ सकेंगे।










