Haryana Right to Service: Shopkeepers will have to register within 15 days, otherwise action will be taken: हरियाणा सेवा का अधिकार (Haryana Right to Service) अधिनियम, 2014 के तहत हरियाणा सरकार ने दुकानदारों और ठेकेदारों के लिए नई समय-सीमा तय की है।
मुख्य सचिव डॉ. अनुराग रस्तोगी की अधिसूचना के अनुसार, श्रम विभाग की दस प्रमुख सेवाओं को इस अधिनियम के दायरे में लाया गया है। दुकान पंजीकरण (shop registration) के लिए केवाईसी के आधार पर 1 से 15 दिन का समय निर्धारित किया गया है। इसका पालन न करने पर कार्रवाई हो सकती है। यह कदम प्रशासनिक पारदर्शिता (administrative transparency) और जवাবदेही को बढ़ावा देगा। आइए, इस नई व्यवस्था की पूरी जानकारी समझते हैं।
दुकान पंजीकरण की समय-सीमा Haryana Right to Service
हरियाणा सेवा का अधिकार (Haryana Right to Service) अधिनियम के तहत दुकानदारों के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया को तेज किया गया है। यदि केवाईसी (KYC verification) अमान्य है, तो पंजीकरण एक दिन में पूरा करना होगा। वहीं, मान्य केवाईसी के लिए 15 दिनों की समय-सीमा तय की गई है।
यह नियम दुकानदारों को समय पर पंजीकरण (shop registration) सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित करेगा। यह कदम छोटे और मध्यम व्यापारियों को नियमों का पालन करने में मदद करेगा। साथ ही, यह प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी (transparent process) बनाएगा। दुकानदारों को सलाह है कि वे समय-सीमा का पालन करें।
ठेकेदारों और कर्मकारों के लिए नियम
हरियाणा सेवा का अधिकार (Haryana Right to Service) अधिनियम में ठेकेदारों और कर्मकारों के लिए भी स्पष्ट समय-सीमा दी गई है। ठेकेदारों के लिए मुख्य नियोक्ता की स्थापना, लाइसेंस पंजीकरण, और नवीकरण (license renewal) 26 दिनों में करना होगा।
कारखाना लाइसेंस (factory license) और इसका नवीकरण 45 दिनों में पूरा होगा। भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम के तहत पंजीकरण (construction worker registration) 30 दिनों में अनिवार्य है। अंतरराज्यीय प्रवासी कर्मकारों के लिए मुख्य नियोक्ता की स्थापना का पंजीकरण भी 26 दिनों में होगा। इन नियमों से श्रमिकों के कल्याण (worker welfare) को बढ़ावा मिलेगा।
कर्मकार कल्याण और पारदर्शिता
हरियाणा भवन तथा अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत कर्मकारों के पंजीकरण और नवीकरण (worker registration) के लिए 30 दिन की समय-सीमा तय की गई है। यह कदम श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा (social security) और कल्याण योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करेगा।
हरियाणा सेवा का अधिकार (Haryana Right to Service) अधिनियम प्रशासनिक जवाबदेही (administrative accountability) को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। व्यापारियों और ठेकेदारों को सलाह दी जाती है कि वे निर्धारित समय-सीमा का पालन करें और आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें। यह व्यवस्था हरियाणा में कारोबारी माहौल को और बेहतर बनाएगी।
हरियाणा सेवा का अधिकार (Haryana Right to Service) अधिनियम से दुकानदारों और श्रमिकों को समयबद्ध सेवाएं मिलेंगी। यह कदम पारदर्शिता और कारोबारी सुगमता को बढ़ाएगा।













