Haryana Sikh Museum: Sikh Museum will be built in Kurukshetra at a cost of 115 crores, a grand center of heritage: (हरियाणा सिख संग्रहालय) की घोषणा हरियाणा सरकार द्वारा सिख समुदाय के प्रति सम्मान और जुड़ाव को दर्शाती है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कुरुक्षेत्र में 3 एकड़ जमीन पर इस भव्य संग्रहालय के निर्माण की योजना को मंजूरी दी है। यह संग्रहालय (Sikh heritage Kurukshetra) को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
इस परियोजना की लागत लगभग ₹115 करोड़ आंकी गई है। इसे पंजाब के आनंदपुर साहिब स्थित विरासत-ए-खालसा की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। (Sikh museum construction) के लिए स्प्लैट मीडिया को सलाहकार नियुक्त किया गया है, जो इसकी संकल्पना और डिज़ाइन पर काम कर रहा है।
खालसा इतिहास और महाराजा रणजीत सिंह पर केंद्रित होगा संग्रहालय Haryana Sikh Museum
यह संग्रहालय सिर्फ एक भवन नहीं, बल्कि (Sikh religion museum) के रूप में सिख धर्म की जड़ों, खालसा पंथ के जन्म और महाराजा रणजीत सिंह के अधीन सिख साम्राज्य की गौरवगाथा को दर्शाएगा। यहां दुर्लभ कलाकृतियों के साथ-साथ दृश्य-श्रव्य माध्यमों का उपयोग कर समकालीन वैश्विक सिख पहचान को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
(Khalsa museum Haryana) में एक एम्फीथिएटर, ध्यान कक्ष, प्रकाश एवं ध्वनि शो और संगीतमय फव्वारा जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी। यह संग्रहालय न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।
नवंबर में रखी जाएगी आधारशिला, दो साल में होगा निर्माण
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने स्पष्ट किया है कि इस संग्रहालय की आधारशिला नवंबर में रखी जाएगी और इसे दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। (Sikh museum inauguration) के बाद यह स्थान सिख समुदाय के लिए एक गौरवशाली केंद्र बन जाएगा।
यह पहल न केवल हरियाणा में (Sikh culture Haryana) को बढ़ावा देगी, बल्कि भाजपा की सिख समुदाय के साथ राजनीतिक और सांस्कृतिक जुड़ाव की रणनीति का भी हिस्सा है। सरकार का उद्देश्य है कि यह संग्रहालय सिख विरासत को सम्मानपूर्वक प्रस्तुत करे और युवाओं को उनके इतिहास से जोड़ सके।










