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Indian Air Force: सिरसा एयरबेस, भारतीय सेना की ताकत ने हवा में तोड़ी दुश्मन की मिसाइल, गर्व से चौड़ा हुआ सीना

On: मई 11, 2025 9:18 पूर्वाह्न
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Indian Air Force: सिरसा एयरबेस: भारतीय सेना की ताकत ने हवा में तोड़ी दुश्मन की मिसाइल, गर्व से चौड़ा हुआ सीना
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Indian Air Force , Sirsa Airbase: The power of the Indian Army destroyed the enemy’s missile in the air, the chest swelled with pride: हरियाणा का सिरसा शहर, जो पाकिस्तान सीमा से ज्यादा दूर नहीं है, एक बार फिर भारतीय वायुसेना के पराक्रम का गवाह बना।

शुक्रवार देर रात पाकिस्तान ने सिरसा एयरबेस को निशाना बनाने की नापाक कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने दुश्मन की मिसाइल को हवा में ही टुकड़े-टुकड़े कर दिया। मिसाइल के अवशेष सिरसा से दो किलोमीटर दूर खाजा खेड़ा और 18 किलोमीटर दूर रानियां में गिरे। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों में गर्व की भावना जगाई, बल्कि भारत की सैन्य ताकत को एक बार फिर दुनिया के सामने प्रदर्शित किया।

हवा में नाकाम हुई दुश्मन की साजिश Indian Air Force

शुक्रवार रात करीब 12:18 बजे खाजा खेड़ा गांव में जोरदार धमाका हुआ। स्थानीय निवासी टिंका सिंह बताते हैं, “रात के अंधेरे में एक उड़नतश्तरी जैसी चीज दिखी और फिर तेज धमाका हुआ।

ऐसा लगा जैसे आसमान फट गया हो। चारों तरफ बारूद की गंध फैल गई।” सुबह पता चला कि यह पाकिस्तान की मिसाइल थी, जिसे भारतीय वायुसेना ने हवा में ही नष्ट कर दिया। मिसाइल के टुकड़े देखने के लिए खाजा खेड़ा में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। गांववासियों ने भारतीय सेना की इस उपलब्धि पर गर्व जताया और मिसाइल के अवशेषों को वाहन में लादने में जवानों की मदद की।

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सिरसा एयरबेस: भारत का सामरिक गढ़

सिरसा एयरबेस की सामरिक महत्ता किसी से छिपी नहीं है। 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों में इस एयरबेस से उड़े मिग-21 लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर विशेष मिशन को अंजाम दिया था। यह एयरबेस पाकिस्तान सीमा से इतना करीब है कि यहाँ से उड़ान भरने वाला विमान चंद मिनटों में दुश्मन के इलाके में मिशन पूरा कर लौट सकता है।

1999 के कारगिल युद्ध में भी सिरसा एयरबेस से उड़े विमानों ने पहाड़ियों पर बनी पाकिस्तानी चौकियों को तबाह किया था। पिछले साल यहाँ से गलती से दागी गई एक मिसाइल ने ढाई मिनट में पाकिस्तान में 250 किलोमीटर अंदर तक मार की थी, जिसने इस एयरबेस की ताकत को फिर से जाहिर किया।

पाकिस्तान की नजर में सिरसा

पाकिस्तान के लिए सिरसा एयरबेस हमेशा से निशाने पर रहा है। 1965 और 1971 की जंग में पाकिस्तानी वायुसेना ने सिरसा के भंभूर और कुत्ताबढ़ इलाकों में बमबारी की थी, लेकिन हर बार भारतीय सेना ने उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया। इस बार भी पाकिस्तान की मिसाइल सिरसा एयरबेस तक पहुंचने से पहले ही हवा में नष्ट हो गई।

स्थानीय निवासी सुनील कुमार कहते हैं, “हमें पहले से अंदाजा था कि हमारी सेना किसी भी हमले को नाकाम कर देगी। हमारे जवानों ने न केवल एयरबेस को बचाया, बल्कि किसी को नुकसान भी नहीं होने दिया।”

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लोगों में गर्व, सेना पर भरोसा

खाजा खेड़ा और रानियां के लोग इस घटना के बाद भारतीय वायुसेना की तारीफ करते नहीं थक रहे। गांववासियों का कहना है कि यह हमारी सेना की सतर्कता और तकनीकी श्रेष्ठता का नतीजा है कि दुश्मन की कोई भी साजिश कामयाब नहीं हो सकी।

सिरसा एयरबेस न केवल हरियाणा, बल्कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए भी एक सुरक्षा कवच की तरह है। यह घटना भारतीय सेना के अडिग साहस और तकनीकी दक्षता का जीता-जागता सबूत है।

भारत की ताकत, दुनिया की नजर में

यह घटना सिर्फ सिरसा या हरियाणा तक सीमित नहीं है। यह भारत की सैन्य ताकत और रक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को दर्शाती है।

सिरसा एयरबेस की रणनीतिक स्थिति और भारतीय वायुसेना की त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत किसी भी खतरे का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। स्थानीय लोगों से लेकर देश भर में इस घटना की चर्चा है, और हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो रहा है।

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अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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