कुरुक्षेत्र (International Gita Mahotsav): कश्मीर की सब्जी गुच्छी का रेट सुनकर ब्रह्मसरोवर पर पहुंचने वाला हर पर्यटक हैरान है। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में अभी तक गुच्छी को कोई खरीद नहीं पाया। गुच्छी की कीमत 35 हजार रुपये प्रति किलोग्राम है।
100 ग्राम की गुच्छी 3500 रुपये में बिक रही है। यह सब्जी हिमाचल प्रदेश के चंबा कुल्लू, मनाली के जंगलों के अलावा उत्तराखंड व कश्मीर के कुछ इलाकों में मिलती है।
गुच्छी का 90 प्रतिशत निर्यात जापान और थाईलैंड में औषधीय गुणों के लिए किया जाता है। इसमें प्राकृतिक रूप से ऊर्जा देने वाले गुण होते हैं। दुकानदार फरहान व मुमताज ने बताया कि गुच्छी की सबसे अनोखी बात यह है कि इसकी खेती नहीं की जा सकती।
गुच्छी एक दुर्लभ और महंगी कवक ( मशरूम ) है जो पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक रूप से उगती है।
International Gita Mahotsav: मिल रहे 40 से ज्यादा मेवे
ब्रह्मसरोवर तट पर कश्मीर के सूखे मेवे की खूब खरीदारी हो रही है। एक ही स्टॉल पर 40 से ज्यादा सूखे मेवे लोगों को उपलब्ध हो रहे हैं। दो हजार से लेकर चार हजार तक के सूखे मेवे बिक रहे हैं।
ब्लूबेरी , खुबानी , अंजीर , किशमिश, आलू बुखारा के साथ-साथ काजू, बादाम, अखरोट और पिस्ता जैसे नट्स भी लोग खरीद रहे हैं। फरहान ने बताया कि उनके पास 1500 से 1800 रुपये प्रति किलो की अंजीर, 10 ग्राम केसर 4500 रुपये, 10 ग्राम शिलाजीत 500 रुपये, आडू एक हजार रुपये किलो के हिसाब से बिक रहा है।
महोत्सव के बाद ऑनलाइन खरीदारी करते हैं ग्राहक
स्टॉल नंबर 175 के संचालक फरहान ने बताया कि वह पिछले 14 साल से अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में आ रहे हैं। लोग सूखे मेवे की खूब खरीदारी करते हैं। मेवे खत्म होने के बाद लोग ऑनलाइन सामान मंगवाते हैं। फरहान ने कहा कि हर साल उनके 150 से 200 ग्राहक बढ़ रहे हैं। जो उनसे बाद में सूखे मेवे खरीदते हैं।












