Kurukshetra news, (कुरुक्षेत्र): रूटों पर चल रही सहकारी समितियों की बसों में इन दिनों स्कूल, कॉलेज व यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों के रोडवेज बस पास मान्य नहीं किए जा रहे। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों सहित अन्य रियायती पास धारकों को भी किराए में छूट नहीं दी जा रही है। यात्रियों ने बस ऑपरेटरों पर मनमानी का आरोप लगाया है। बता दें कि कुरुक्षेत्र जिले में आरटीए कार्यालय द्वारा 67 प्राइवेट बसों को परमिट मिला हुआ है। जो रोजाना अलग-अलग रूटों पर सरकारी बसों की तरह सवारियों को ढोती हैं।
लगभग एक सप्ताह से बस ऑपरेटरों द्वारा सभी जीरो बैलेंस के रोडवेज पास को मान्य नहीं किया जा रहा है। छात्रों और बुजुगों को बसों में सफर के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। उधर, बस पास मान्य नहीं करने को रोडवेज विभाग के पास 30 से ज्यादा मौखिक व लिखित में शिकायतें पहुंचीं है।
रोडवेज विभाग बस पास चलाने को लेकर आरटीओ को पत्र लिखा है। आरटीए विभाग की मानें तो रोडवेज द्वारा जारी सभी पास प्राइवेट बसों में मान्य है। सरकार और बस ऑपरेटरों के बीच प्रतिपूर्ति को लेकर विवाद चला हुआ है। इसको लेकर ऑपरेटरों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
आरोप- प्राइवेट बसों के परिचालक करते हैं बदतमीजी
थर्ड गेट यूनिवर्सिटी से नया बस अड्डा, पिहोवा, ठोल, झांसा सहित कई रूटों पर प्राइवेट बसों में छात्रों के बस पास मान्य नहीं किए जा रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि प्राइवेट बसों के परिचालक बदतमीजी करते हैं और बस से नीचे उतारने की धमकी देते हैं। रोजाना उनके द्वारा छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है।
सुविधा देने से साफ तौर पर मना
बता दें कि रोडवेज विभाग से हर साल 20 हजार के लगभग विद्यार्थियों के जीरो बैलेंस के पास जारी होते हैं। इसके अलावा सैकड़ों वरिष्ठ नागरिक, पुलिस व अन्य कई श्रेणी के पास बनते हैं। सरकारी और प्राइवेट बसों में लाभार्थियों को किराये में रियायत मिलती है। मगर अब प्राइवेट बसों में इस तरह की रियायती दरों पर यात्रा में सुविधा देने से साफ तौर पर मना किया है। जिसको लेकर रोजाना यात्रियों और बस स्टाफ के बीच कहासुनी की घटनाएं समाने आ रही है।
पास मान्य नहीं, लेते दोगुना किराया
छात्र मोनू का कहना है कि वह कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में बीएससी कक्षा का छात्र है। रोजाना नए बस अड्डे से यूनिवर्सिटी तक बसों में सफर करते हैं। सरकारी बसें नहीं आने पर वे कई बार प्राइवेट बसों में सफर करने को मजबूर होते हैं। उनका रोडवेज बस पास बना हुआ है। परंतु प्राइवेट बसों में पास मान्य न कर 10 रुपए किराया वसूला जाता है। जबकि थर्ड गेट यूनिवर्सिटी से नए बस अड्डे तक 5 रुपए किराया निर्धारित है।
बसों को बीच रास्ते में रोक कर नीचे उतारने को बोलते हैं
रानी ने बताया कि वे यूनिवर्सिटी से लाडवा तक बस से सफर करतीं है। यूनिवर्सिटी द्वारा जीरो बैलेंस का पास बनाया गया है। प्राइवेट बसों में इस पास को मान्य नहीं किया जाता। जिस कारण उन्हें अतिरिक्त किराए का भुगतान करना पड़ रहा है। पास को लेकर बस स्टाफ से कई बार बहस भी होती है। चालक बसों को बीच रास्ते में रोक कर नीचे उतारने को बोलते हैं। कई बुजुर्गों ने भी आधा टिकट की सुविधा न देने पर अतिरिक्त किराया वसूलने का आरोप लगाया है। बता दें कि थर्ड गेट यूनिवर्सिटी के रास्ते से पूंडरी, पिहोवा रूट की प्राइवेट बसें आवागमन करती हैं।
रोडवेज पास प्राइवेट में भी मान्य : इंचार्ज
कुरुक्षेत्र डिपो में बस पास इंचार्ज अमित कुमार का कहना है कि विभाग द्वारा हर साल 20 हजार के लगभग जीरो बैलेंस के पास जारी होते हैं। नियम के अनुसार प्राइवेट बसों में भी पास मान्य हैं परंतु प्राइवेट बस संचालक मनमानी के चलते रोडवेज के पास मान्य नहीं कर रहे। रोजाना यात्रियों व छात्रों की तरफ से उनके पास शिकायतें पहुंच रही है।
देनी पड़ेंगी सभी सुविधाएं
इंस्पेक्टर आरटीए जोगिंद्र सिंह ने कहा की सरकार की जो भी हिदायत है उसके अनुसार प्राइवेट बस ऑपरेटर को भी यात्रियों को सुविधा देनी पड़ेगी। इसमें 31 के लगभग कैटेगिरी हैं। इस बारे में विभाग को भी अवगत कराया गया है। अगर कोई प्राइवेट बस संचालक मनमानी करता है तो शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई होगी। रोडवेज बस पास प्राइवेट बसों में भी मान्य है।












