अंबाला (Mid day meal)। जिला शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने बुधवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय एवं राजकीय प्राथमिक पाठशाला चौड़मस्तपुर का निरीक्षण किया। जब वह विद्यालय में पहुंचे तो अर्ध अवकाश होने के कारण कक्षा 8वीं तक के बच्चे मिड डे मील ग्रहण कर रहे थे, जबकि अन्य बच्चे विद्यालय प्रांगण में ही खेलकूद में व्यस्त थे।
उन्होंने स्वयं भी मिड डे मील को चख कर देखा और उन्होंने पाया कि बच्चों को दिए जा रहे मिड डे मील की मात्रा और गुणवत्ता तो संतोषजनक है, लेकिन बच्चों को निर्धारित रेसिपी के अनुसार मिस्सी रोटी न देकर साधारण रोटी परोसी जा रही है। इस मामले में पूछताछ करने पर विद्यालय के मिड डे मील प्रभारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
पुराने की जगह नए चार्ट लगाने के निर्देश
डीईओ ने विज्ञान कक्ष में देखा कि विभाग द्वारा प्रदान की गई विज्ञान किट का विज्ञान अध्यापक सतीश कुमार की ओर से बच्चों की शिक्षा के लिए ठीक ढंग से प्रयोग किया जा रहा है। बच्चों ने भी डीईओ को बताया कि विज्ञान अध्यापक अक्सर उन्हें विज्ञान कक्षा में लेकर आते हैं और अलग-अलग विज्ञान उपकरणों की कार्य विधि समझाते हैं।
डीईओ ने विज्ञान अध्यापक को विज्ञान कक्षा में पुराने लगे चार्ट की जगह नए चार्ट लगाने के लिए दिशा निर्देश दिए। अंत में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा राजकीय प्राथमिक पाठशाला के बच्चों का निपुण परीक्षण किया गया।
Mid day meal: डीईओ ने बच्चों से ली जानकारी
सर्वप्रथम डीईओ कालड़ा ने स्कूल प्रांगण में खेल रहे बच्चों से संवाद स्थापित किया। बच्चों से पढ़ाई के बारे पूछा और सभी पीरियड्स में अध्यापक कक्षा में आते हैं या नहीं, यह भी जानकारी ली। बच्चों ने डीईओ को बताया कि उनकी पढ़ाई ठीक से चल रही है, हर रोज सभी पीरियड्स लगते हैं और बुधवार को भी दोपहर तक सभी पांचों पीरियड लग चुके थे।
डीईओ कालड़ा ने बच्चों से उनके पसंदीदा विषय के बारे में भी पूछा। वहीं, उन्होंने विद्यालय में विज्ञान कक्ष, मिड डे मील किचन, निपुण हरियाणा मिशन और बच्चों को दिए जा रहे मिड डे मील की व्यवस्था का भी जायजा लिया।
उन्होंने सभी स्टाफ सदस्यों को कहा कि बच्चों के बेहतर पोषण के लिए सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किया जा रहे हैं, जिनके अंतर्गत बच्चों को न केवल हर रोज अलग-अलग रेसिपी के अनुसार खाना दिया जाता है बल्कि सप्ताह में 2 दिन सुगंधित दूध और 2 दिन प्रोटीन मिल्क बार भी अतिरिक्त रूप से दिया जाना है।
यही नहीं सप्ताह में एक दिन के लिए पिन्नी और स्वादिष्ट खीर दिए जाने का भी प्रावधान किया जा रहा है। ऐसे में बच्चों को मिस्सी रोटी की जगह सादी रोटी परोसे जाने से मिड डे मील प्रभारी ने खुद को विभागीय कार्यवाही का पात्र बना लिया है।












