Narendra Singh Yadav Mount Elbrus: Created history by hoisting the tricolor on the highest peak of Europe on Independence Day: (नरेंद्र सिंह यादव माउंट एल्ब्रस) पर तीसरी बार चढ़ने वाले पहले भारतीय पर्वतारोही बन गए हैं। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उन्होंने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी (Mount Elbrus summit climb) पर तिरंगा फहराकर देश का नाम रोशन किया। इससे पहले वे 2017 और 2023 में भी इस चोटी को फतह कर चुके हैं।
यह अभियान 9 अगस्त को (NSY Outdoors expedition) के नेतृत्व में शुरू हुआ था। छह दिन की कठिन ट्रेनिंग और ऐक्लिमेटाइजेशन के बाद 15 अगस्त की रात 1 बजे अंतिम चढ़ाई शुरू हुई। -30°C तापमान और 50 किमी/घंटा की हवाओं के बीच सुबह 9:15 बजे नरेंद्र ने चोटी पर पहुंचकर तिरंगा फहराया।
नशा मुक्त भारत का संदेश और अंतरराष्ट्रीय सम्मान Narendra Singh Yadav Mount Elbrus
इस ऐतिहासिक क्षण पर नरेंद्र ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सैनी की मुहिम (drug-free India campaign) का संदेश भी दुनिया तक पहुंचाया। उन्होंने “नशा मुक्त हरियाणा – नशा मुक्त भारत” का उद्घोष करते हुए पर्वत पर भारत माता की जय के नारे लगाए।
उनकी इस उपलब्धि पर किर्गिज़ गणराज्य के पर्वतारोहण संघ ने उन्हें मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। (Narendra Singh Yadav achievements) अब भारत के पर्वतारोहण जगत में साहस और संकल्प का प्रतीक बन चुके हैं।
अगला लक्ष्य: एक्सप्लोरर्स ग्रैंड स्लैम
अब नरेंद्र का अगला सपना है (Explorers Grand Slam) को पूरा करना। इसमें सातों महाद्वीपों की ऊंची चोटियों के साथ-साथ उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचना शामिल है। इसके अलावा वे सातों महाद्वीपों के ज्वालामुखी पर्वतों पर भी चढ़ाई करना चाहते हैं।
रेवाड़ी के नेहरूगढ़ गांव के इस युवा ने यह साबित कर दिया है कि अगर जज़्बा हो तो कोई भी चोटी फतह की जा सकती है। उनकी कहानी हर युवा को प्रेरणा देती है कि देशभक्ति सिर्फ शब्दों में नहीं, कर्म में भी दिखती है।













