भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI ने सर्दियों में घने कोहरे के कारण होने वाले सड़क हादसों को कम करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। यह फैसला उन इलाकों पर केंद्रित है जहां हर साल ठंड के मौसम में दृश्यता बेहद कम हो जाती है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
NHAI के अनुसार ये उपाय पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से लागू किए जा रहे हैं ताकि यात्रियों की सुरक्षा बनी रहे और ट्रैफिक संचालन सुचारू रह सके।
क्यों जरूरी थे ये कदम
उत्तर भारत समेत कई राज्यों में दिसंबर से फरवरी के बीच घना कोहरा आम समस्या है। परिवहन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार सर्दियों में कम विजिबिलिटी के कारण सड़क दुर्घटनाओं में औसतन 20 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी जाती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि समय रहते तकनीकी और व्यवहारिक उपाय किए जाएं तो इन हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. अरविंद मल्होत्रा बताते हैं कि कोहरे में सड़क पर सबसे बड़ा खतरा लेन और दूरी का अंदाजा न लग पाना होता है। सही संकेत और रिफ्लेक्टिव सिस्टम ड्राइवर की आंखों का सहारा बनते हैं।
विजिबिलिटी बढ़ाने पर खास जोर
सड़क और संकेतों में तकनीकी सुधार
NHAI ने अपने इंजीनियरिंग दलों को निर्देश दिए हैं कि सभी हाईवे सेक्शनों पर
खराब या गायब रोड साइन तुरंत बदले जाएं
फीकी लेन मार्किंग दोबारा पेंट की जाए
रिफ्लेक्टिव रोड स्टड और मार्कर लगाए जाएं
इसके अलावा क्रैश बैरियर और अन्य सुरक्षा ढांचों पर चमकीले पीले रिफ्लेक्टिव स्टिकर लगाए जा रहे हैं ताकि रात और कोहरे में वे दूर से दिख सकें।
निर्माण स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षा
जहां सड़क निर्माण या मरम्मत का काम चल रहा है वहां विशेष सावधानी बरती जा रही है। ऐसे क्षेत्रों में
बैरिकेड्स
स्पष्ट डायवर्जन साइन
सोलर से चलने वाले ब्लिंकर
लगाए जा रहे हैं ताकि ड्राइवर समय रहते दिशा समझ सकें।
ड्राइवरों को मिलेंगे रियल टाइम अलर्ट
घने कोहरे वाले इलाकों में अब वैरिएबल मैसेज साइन बोर्ड लगाए गए हैं। इन डिजिटल बोर्डों पर
मौजूदा विजिबिलिटी की स्थिति
सुरक्षित गति सीमा
फॉग अलर्ट
लगातार दिखाए जाएंगे। कुछ स्थानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम से भी चेतावनी दी जाएगी। NHAI रेडियो संदेशों और सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों तक सुरक्षा सलाह पहुंचा रहा है।
निरीक्षण और आपात सहायता व्यवस्था
नियमित निगरानी
NHAI ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को साप्ताहिक नाइट इंस्पेक्शन अनिवार्य करने को कहा है। इसका मकसद है
जोखिम वाले पॉइंट्स की पहचान
सुरक्षा उपायों की प्रभावशीलता जांचना
हाईवे पेट्रोल और समन्वय
घने कोहरे वाले हिस्सों में हाईवे पेट्रोल वाहन तैनात रहेंगे। ये वाहन ब्लिंकिंग बैटन की मदद से ट्रैफिक को मार्गदर्शन देंगे। सभी फील्ड स्टाफ के लिए रिफ्लेक्टिव जैकेट पहनना अनिवार्य किया गया है।
इसके साथ ही ट्रैफिक पुलिस, एंबुलेंस सेवाओं और स्थानीय प्रशासन के साथ तालमेल मजबूत किया गया है। आपात स्थितियों से निपटने के लिए संयुक्त अभ्यास भी किए जाएंगे।
हाईवे यूजर्स के लिए NHAI की अहम सलाह
NHAI ने वाहन चालकों के लिए सर्दियों की ड्राइविंग को लेकर स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किए हैं।
लेन ड्राइविंग का पालन करें
आगे चल रहे वाहन से सुरक्षित दूरी बनाए रखें
30 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे कम गति रखें
हेडलाइट और टेललाइट हमेशा चालू रखें
हाईवे पर अनधिकृत जगह वाहन न रोकें
केवल निर्धारित ट्रक ले बे और सुविधाओं पर ही रुकें
व्यावसायिक वाहनों को सलाह दी गई है कि वे वाहन की पूरी चौड़ाई में रिफ्लेक्टिव टेप लगाएं। आगे की तरफ सफेद और पीछे लाल रंग का टेप कोहरे में पहचान आसान बनाता है।
इसका असर क्या होगा
इन उपायों से न केवल दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है बल्कि ट्रैफिक जाम और आपात स्थितियों में प्रतिक्रिया समय भी बेहतर होगा। परिवहन नीति विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ड्राइवर भी इन नियमों का पालन करें तो सर्दियों में सड़क सुरक्षा का स्तर काफी सुधर सकता है।
आगे क्या
NHAI आने वाले वर्षों में फॉग सेंसिंग टेक्नोलॉजी और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम को भी प्रमुख हाईवे कॉरिडोर पर लागू करने की योजना बना रहा है। इससे मौसम के हिसाब से ट्रैफिक मैनेजमेंट और ज्यादा प्रभावी हो सकेगा।












