Jind Medical College (जींद) : हैवतपुर गांव में निर्माणाधीन मेडिकल कालेज में ओपीडी शुरू करने के लिए स्वास्थ्य शिक्षा एवं शोध विभाग द्वारा तैयारी शुरू कर दी गई हैं। इसके लिए ओपीडी में जरूरी सामान भी मंगवाना शुरू कर दिया है। कुछ सामान मेडिकल कालेज में पहुंच भी गया है। इसमें ओपीडी के लिए जरूरी फर्नीचर पहुंच गया है।
एक दो दिन में ओपीडी के कमरों के अनुसार इस समान को लगा भी दिया जाएगा। वहीं सूत्रों के अनुसार अभी तक तीन से चार चिकित्सकों, चार स्टाफ नर्स, एक क्लर्क व एक डाटा एंट्री आपरेटर ने भी रिपोर्ट की है।
अभी विभाग द्वारा प्रतिनियुक्ति पर आने वाले स्टाफ का डाटा एकत्रित किया जा रहा है। दरअसल 26 अगस्त को मेडिकल कालेज में ओपीडी का शुभारंभ करवाने के लिए जींद के भाजपा विधायक व विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डा. कृष्ण ने कार्यक्रम विधानसभा सत्र के कारण टला।
अब मुख्यमंत्री का कार्यक्रम करवाने की तैयारी
मेडिकल कालेज में ओपीडी शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री नायव सैनी की रैली की भी योजना बनाई जा रही थी। इसी बीच 26 अगस्त को विधानसभा का सत्र आने के कारण यह कार्यक्रम टल गया। अब दोबारा से इसकी योजना बनाई नागरिक अस्पताल से ली जाएंगी अन्य सेवाएं बेशक मेडिकल कालेज में ओपीडी शुरू हो जाएंगी, लेकिन मरीजों की निर्भरता जींद के नागरिक अस्पताल पर ही रहेगी।
ओपीडी के साथ जांच के लिए लैब, एक्सरे जैसी सुविधाएं मूलभूत होती है। इनके लिए अभी तक मेडिकल कालेज में तैयारी नहीं है। ऐसे में यह सुविधाएं नागरिक अस्पताल से ही दी जाने की योजना है। इसके लिए नागरिक अस्पताल द्वारा मेडिकल कालेज से इसके बदले सामान या राशि की मांग भी की जा रही है। हालांकि अभी तक यह चर्चा मौखिक ही हुई है।
सितंबर महीने के पहले सप्ताह में मेडिकल कालेज में ओपीडी के लिए स्टाफ व अन्य गंभीर स्थिति में नागरिक अस्पताल में ही मिलेगी सेवा। यदि कोई कोई मरीज गंभीर अवस्था में जाता है, या ओपीडी के दौरान चिकित्सक को लगता है कि मरीज को भर्ती करने की जरूरत है, ऐसे में उसका इलाज नागरिक अस्पताल में ही किया जाएगा। इसके लिए एंबुलेंस की व्यवस्था रहेगी। जरूरत के अनुसार मरीज को मेडिकल कालेज
से मरीज को नागरिक अस्पताल लाया जा सकेगा।
नागरिक अस्पताल से मिलेंगी कई सुविधाएं
जींद मेडिकल कालेज के निदेशक डा. राजीव महेंदु ने कहा कि जींद मेडिकल कालेज में ओपीडी की तैयारी की जा रही है। स्टाफ की नियुक्ति चल रही है। स्टाफ तय हो गया है। अगले महीने में इसको अंतिम रूप दे दिया जाएगा। साथ ही फर्नीचर भी जरूरत के अनुसार पहुंच गया है। यहां ओपीडी के लिए कमरे तैयार किए जा रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने जींद को मेडिकल कालेज के रूप में बहुत बड़ी सौगात दी है। यह परियोजना बहुत बड़ी है। शुरू होने के बाद भी सही रूप में आने में कई साल लगेंगे, लेकिन शुरूआत तो करनी ही है। इसकी सुविधा सिर्फ जींद के लोगों को नहीं, दूसरे राज्यों के लोगों के लिए भी होगी। ऐसे में शुरुआती समय में दिक्कत हो सकती है।
पहले कार्यक्रम निर्धारित हुआ था, लेकिन विधानसभा का सत्र आ गया। अब दोबारा मुख्यमंत्री का समय लेकर ओपीडी का शुभारंभ करवाया जाएगा। इसके बाद औपचारिक रूप से मेडिकल कालेज में ओपीडी शुरू हो सकेगी। हालांकि मेडिकल कालेज में ओपीडी को शुरूआत दस से 12 चिकित्सकों के साथ करने की योजना है।
भर्ती के लिए इंटरनेट मीडिया पर डाली फर्जी पोस्ट
मेडिकल कालेज में नियुक्तियों के नाम पर इंटरनेट मीडिया पर फर्जी पोस्ट डाली गई। इस पर पुलिस ने पुलिस ने मेडिकल कालेज के निर्देशक डा. संजीव महेंदु की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। निदेशक डा. राजीव महेंदु ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि 28 अगस्त को उनकी जानकारी में आया कि इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट डालकर रिक्तियों का विज्ञापन किया जा रहा है।
वहीं मेडिकल कालेज या विभाग द्वारा इस प्रकार का विज्ञापन जारी नहीं किया गया है। न ही मेडिकल कालेज में अभी कोई भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। ऐसे में ऐसे विज्ञापन लोगों को गुमराह कर रहे हैं। सिविल लाइन थाना पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी और आइटी एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।












