Operation Sindoor schools and colleges closed in Jammu, major steps taken for security: ऑपरेशन सिंदूर:
भारत ने आतंकवाद के खिलाफ एक बार फिर अपनी ताकत का परिचय दिया है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने 6-7 मई 2025 की मध्यरात्रि को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए। इस कार्रवाई के बाद जम्मू में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। नतीजतन, जम्मू के कई जिलों में आज, 7 मई 2025 को सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान बंद रखने का फैसला लिया गया है। यह लेख आपको ऑपरेशन सिंदूर और जम्मू में लागू सुरक्षा उपायों की पूरी जानकारी देगा।
Operation Sindoor: आतंकवाद पर करारा प्रहार
ऑपरेशन सिंदूर भारत की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का एक और उदाहरण है। यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब थी, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकियों ने ली थी। इसके जवाब में भारतीय वायुसेना ने राफेल जेट्स और कमिकaze ड्रोन का इस्तेमाल कर पाकिस्तान के बहावलपुर, मुरीदके, चक अमरू, सियालकोट और PoK के मुजफ्फराबाद, बाघ, कोटली, गुलपुर, भीमबेर में आतंकी ठिकानों को नष्ट किया। इनमें जैश-ए-मुहम्मद के 4, लश्कर-ए-तैयबा के 3 और हिजबुल मुजाहिद्दीन के 2 ठिकाने शामिल थे। इस ऑपरेशन ने आतंकी संगठनों को गहरा झटका दिया और पाकिस्तान में खलबली मचा दी।
जम्मू में स्कूल-कॉलेज बंद: सुरक्षा पहली प्राथमिकता
ऑपरेशन सिंदूर के बाद जम्मू-कश्मीर में तनाव बढ़ गया है। मंगलवार रात को नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी सेना की ओर से हुई गोलीबारी में तीन नागरिकों की मौत ने स्थिति को और गंभीर कर दिया। इसे देखते हुए जम्मू के संभागीय आयुक्त रमेश कुमार ने तत्काल प्रभाव से सुरक्षा उपायों को लागू किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर घोषणा की कि 7 मई 2025 को जम्मू, सांबा, कठुआ, राजौरी और पुंछ जिलों में सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। यह फैसला बच्चों, छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
क्यों जरूरी थी यह कार्रवाई?
पहलगाम हमला भारत के लिए एक बड़ा झटका था। इस हमले ने न केवल पर्यटन क्षेत्र को प्रभावित किया, बल्कि देश की सुरक्षा पर भी सवाल उठाए। ऑपरेशन सिंदूर इस हमले का जवाब था, जिसका नाम लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की याद में रखा गया, जो इस हमले में शहीद हुए थे। भारत ने इस ऑपरेशन में केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि उसका उद्देश्य पाकिस्तानी सेना या नागरिकों को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि आतंकवाद को जड़ से खत्म करना है। रक्षा सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई में कम से कम 17 आतंकी मारे गए और 60 घायल हुए।
नागरिकों के लिए सलाह
जम्मू और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील है कि वे शांत रहें और अफवाहों पर ध्यान न दें। सोशल मीडिया पर कुछ फर्जी खबरें, जैसे श्रीनगर एयरबेस पर हमले की अफवाह, फैलाई गईं, जिन्हें PIB फैक्ट चेक ने खारिज कर दिया है। केवल ANI, NDTV, India Today जैसे विश्वसनीय स्रोतों या सरकारी बयानों पर भरोसा करें। अगर आप यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो इंडिगो, एयर इंडिया या स्पाइसजेट की वेबसाइट पर उड़ानों की स्थिति जांच लें, क्योंकि कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं। अभिभावकों से अनुरोध है कि वे बच्चों को घर पर रखें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।













