पंचकूला. हरियाणा के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के पंचकूला स्थित सिविल अस्पताल में जल्द ही एचआईवी वायरल लोड टेस्टिंग लैब की शुरुआत होगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने आज 26 मार्च को इस महत्वपूर्ण परियोजना को प्रशासनिक मंजूरी मिलने की पुष्टि की है। रोहतक के बाद यह हरियाणा की दूसरी ऐसी लैब होगी जो सीधे तौर पर एचआईवी संक्रमित मरीजों के इलाज की निगरानी करेगी।
कोविड इंफ्रास्ट्रक्चर का होगा स्मार्ट इस्तेमाल
इस नई लैब की खास बात यह है कि इसे पूरी तरह नए सिरे से बनाने के बजाय पंचकूला अस्पताल में मौजूद कोविड-19 मॉलिक्यूलर टेस्टिंग सेटअप का इस्तेमाल करके तैयार किया जाएगा। सरकार ने इसके लिए कुछ अतिरिक्त जरूरी उपकरणों की खरीद को हरी झंडी दे दी है। इस रणनीति से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि लैब को बहुत कम समय में मरीजों के लिए चालू किया जा सकेगा। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) ने इस प्रोजेक्ट का तकनीकी मूल्यांकन कर इसे अपनी सहमति दे दी है।
सरकारी खजाने पर नहीं पड़ेगा एक पैसे का बोझ
डॉ. सुमिता मिश्रा ने स्पष्ट किया कि इस लैब को स्थापित करने और इसके संचालन का सालाना 1.65 करोड़ रुपये का पूरा खर्च NACO उठाएगा। राज्य सरकार के बजट पर इसका कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। राष्ट्रीय दिशानिर्देशों के तहत प्रति टेस्ट की लागत 1,100 रुपये तय की गई है। इस मॉडल को अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल माना जा रहा है, जहां बिना अतिरिक्त खर्च के स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।
मरीजों को कैसे होगा सीधा फायदा?
वर्तमान में हरियाणा के सभी 22 जिलों से एचआईवी सैंपल जांच के लिए रोहतक पीजीआईएमएस भेजे जाते हैं, जिससे रिपोर्ट आने में देरी होती है। वायरल लोड टेस्टिंग यह बताती है कि मरीज पर एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) कितनी प्रभावी है। समय पर जांच होने से डॉक्टरों को इलाज में बदलाव करने और दवाओं के प्रति रेजिस्टेंस (प्रतिरोध) रोकने में मदद मिलेगी। पंचकूला में लैब शुरू होने से उत्तरी हरियाणा के जिलों के मरीजों को रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा।
स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण और भविष्य
यह पहल हरियाणा सरकार के उस विजन का हिस्सा है जिसके तहत विशिष्ट स्वास्थ्य सेवाओं को बड़े शहरों से निकालकर स्थानीय स्तर तक पहुंचाया जा रहा है। सालाना लगभग 15,000 टेस्ट करने के लक्ष्य के साथ यह लैब हरियाणा के एचआईवी देखभाल नेटवर्क में एक मजबूत कड़ी साबित होगी। समय पर निगरानी और सटीक डेटा से अंततः मरीजों की जीवन प्रत्याशा बढ़ाने और एड्स के खिलाफ लड़ाई को प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
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