Patients and attendants are troubled due to shortage of water in Chandigarh PGI emergency, water supply stopped for 8 hours: पीजीआई इमरजेंसी में वीरवार शाम 4 बजे से पीने के पानी के साथ- साथ टॉयलेट तक में सप्लाई बंद हो गई। गर्मी के मौसम में मरीजों और अटेंडेंट्स के लिए भी पीने का पानी नहीं आ रहा था वॉटर कूलर भी एक घंटे के भीतर खाली हो गए। ऐसे में मरीजों को बाहर से पानी खरीदकर लाना पड़ा। दूसरी ओर टॉयलेट में पानी न होने से मरीजों और उनके अटेंडेंट्स को भारी परेशानी हुई।
यह पहला मौका है, जब इमरजेंसी में करीब 6 घंटे तक पानी नहीं आया। एक मरीज के अटेंडेंट रोशन ने बताया शाम 4 बजे एकाएक पानी आना बंद हो गया। एक घंटे तक हमने सोचा कि शायद किसी गड़बड़ी की वजह से पानी बंद हो गया होगा, आ जाएगा। लेकिन रात 10 बजे तक पानी नहीं आया।
मरीज को बार-बार टॉयलेट जाना पड़ता है, वहां पानी न होने से मरीजों को दिक्कत हो रही है। पानी न होने से टॉयलेट में गंदगी फैल गई। एक अन्य मरीज के अटेंडेंट ने बताया- बाजार से पानी खरीदकर पीने में सक्षम नहीं हैं, लिहाजा ट्रॉमा सेंटर इमरजेंसी या ट्रॉमा सेंटर से पानी लाकर पी रहे हैं, लेकिन वहां भी पानी खत्म हो गया है।
ऐसे में अब मजबूरी में बाहर जहां पानी आ रहा है वहां से भरकर लाना पड़ रहा है। मरीजों के लिए इस्तेमाल होने वाले इक्विपमेंट्स को साफ करने के लिए पानी की जरूरत पड़ती है।
Chandigarh PGI: पानी की मेन पाइप लाइन फटने से आई दिक्कत
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ओल्ड डॉक्टर्स हॉस्टल के पास पानी की मेन लाइन फटने की वजह से वहां पर पानी लीक हो गया। इसका पता पीजीआई प्रबंधन को देर शाम लगा। उसके बाद लाइन की मरम्मत के लिए खुदाई शुरू की गई। रात 10:30 बजे तक पीजीआई इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की टीम लाइन की रिपेयर में जुटी थी। पानी नहीं आया था।
देर रात तक लाइन की मरम्मत का काम जारी
पीजीआई के स्पोट्र्स ग्राउंड के सामने सड़क के किनारे खड़ा 35 टन का रोड मैटेरियल टिपर लोड के कारण सड़क में एक तरफ धंस गया था। नीचे पानी की मेन पाइप लाइन थी, जो ज्यादा लोड के कारण टूट गई। टिपर को हटाने में लगभग एक घंटा लग गया। रात 10 बजे तक पानी की पाइप लाइन मरम्मत का काम चल रहा था।













