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PGI canteen overcharging: चंडीगढ़ पीजीआई कैंटीन में ओवरचार्जिंग, मरीजों की मजबूरी का फायदा, ₹60 की थाली ₹90 में!

On: जून 29, 2025 2:31 अपराह्न
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PGI canteen overcharging: चंडीगढ़ पीजीआई कैंटीन में ओवरचार्जिंग, मरीजों की मजबूरी का फायदा, ₹60 की थाली ₹90 में!
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PGI canteen overcharging Taking advantage of patients’ helplessness, ₹60 plate sold for ₹90: नई ओपीडी बिल्डिंग की इकलौती कैंटीन में मरीजों और अटेंडेंट्स से ओवरचार्जिंग की जा रही है। कैंटीन की टेंडर शर्तों के अनुसार 60 रुपए में मील देनी है, लेकिन 90 रुपए से लेकर 110 रुपए भी वसूले जा रहे हैं। हमने टेंडर की टर्म्स एंड कंडीशंस चेक कीं और खुद दो दिन कैंटीन की पड़ताल की तो पाया कि 90 रुपए की दी जा रही है। पीजीआई में रोजाना 10-12 हजार मरीजों की ओपीडी है।

PGI canteen overcharging: ₹60 की थाली ₹90 में!

एक मरीज के साथ अमूमन दो-तीन लोग भी आते हैं। इस लिहाज से रोजाना 25-30 हजार लोग ओपीडी पहुंचते हैं, जिनमें से 70-80 फीसदी दूर-दराज इलाकों के होते हैं। इनमें से 12-15 हजार लोग मील भी लेते ही हैं। ऐसे में इतने लोगों को रोज ओवरचार्जिंग का शिकार होना पड़ रहा है। पीजीआई को कई बार शिकायतें भी मिल चुकी हैं।

यहां मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है। ज्यादातर टेस्ट खाली पेट करवाने होते हैं। कई बार खाना खाने के बाद भी दोबारा ब्लड टेस्ट होता है। दूर-दराज से आए मरीजों को टेस्ट के लिए सैंपल देने के बाद भूख लग आती है तो यहीं लंच करते हैं। बीमार थके-हारे मरीज विरोध नहीं कर पाते।

टेंडर की शर्तों का हो रहा है उल्लंघन

कैंटीन के टेंडर की पड़ताल की तो उसमें साफ लिखा है कि थाली / मील के लिए कस्टमर से कैंटीन संचालक 60 रुपए लेगा। मील में यलो दाल / राजमाह / मूंग दाल / ब्लैक चना / सीजनल वेज, कढ़ी, चपाती, चावल रायता और सलाद देगा। लेकिन मील में रायता नहीं है, सलाद के नाम पर खीरे के दो टुकड़े हैं। लेकिन यहां मिनी मील के नाम पर 30 रुपए अतिरिक्त लिए जा रहे हैं। फिर थाली मांगी तो 90 रुपए की दी गई। बिल में 60 रुपए का मील और 30 रुपए का मिनी मील जोड़ा गया था।

पिछले साल से डबल रेंट पर कैंटीन

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पीजीआई ने जनवरी में यह कैंटीन ने टैक्स सहित 26 लाख रुपए प्रतिमाह रेंट पर दी थी। मैनपावर व अन्य खर्च मिलाकर कैंटीन का खर्च 30 पिछले साल इस कैंटीन का किराया लाख रुपए प्रतिमाह से ज्यादा है। टैक्स सहित 15 लाख रुपए था। पिछले साल की तुलना में अब डबल रेंट पर कैंटीन दी गई है।

कोई कम्प्लेंट रजिस्टर नहीं

पीजीआई के नियमों के अनुसार, कैंटीन ऑपरेटर को कम्प्लेंट रजिस्टर कस्टमर के सामने रखना है। कैंटीन में ऐसा कोई रजिस्टर नहीं रखा है। शिकायत रजिस्टर न रखने पर 5000 रुपए का जुर्माना तय है। ओवरचार्जिंग पर हर बार 10,000 का जुर्माना लगाया जाना है। लेकिन पीजीआई प्रशासन ने अब तक कोई जुर्माना नहीं लगाया।

कॉम्बो में लेते हैं अतिरिक्त पैसे

धीरज धवन का कहना है कि 60 रुपए का मील ही दिया जा रहा है। जो कॉम्बो मांगता है उससे अतिरिक्त पैसे लिए जाते हैं। जब बताया गया कि काउंटर पर 60 रुपए का मील मिलता ही नहीं, तो उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है।

7000 से ज्यादा लैब टेस्ट रोजाना, अधिकांश खाली पेट

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पीजीआई में रोजाना 7000 से अधिक लैब टैस्ट होते हैं। ज्यादातर टेस्ट खाली पेट ही करवाने होते हैं। सैंपल देने के प्रोसेस में 2-3 घंटे लग जाते लेता है, और ओवरचार्जिंग जाते हैं। ऐसे में खाली पेट मरीज यहीं से मील लेता है का शिकार हो जाता है। फिरोजपुर से आए सिंह बताया कि रात को घर से चले थे। सुबह कार्ड बनवाकर यहां दिखाया, उसके बाद खाने के लिए कैंटीन आए तो काउंटर पर 90 रुपए मांगे गए। यहां आकर इतना थक गए थे कि रेट ही नहीं भूख लगी थी, जो पैसे मांगे दे दिए।

टोकन देते हैं, बिल नहीं

ओपीडी की कैंटीन में अगर बिल मांगा जाए तो वह देने से इनकार कर दिया जाता है। सिर्फ टोकन दिया जाता है, जो कि खाने का सामान लेते समय वापस ले लिया जाता है।

कॉन्ट्रैक्टर को शो कॉज नोटिस

संस्थान की ओर से कैंटीन संचालक की सक्रिय तौर पर मॉनिटरिंग की जा रही है। नियमों का पालन न करने पर कॉन्ट्रैक्टर को शो कॉज नोटस जारी किया गया है। टेंडर की शर्तों के तहत ही काम करना होगा वह ओवरचार्जिंग नहीं कर सकेगा। -पीजीआई प्रवक्ता

पीजीआई की अन्य 4 कैंटीन आईआरसीटीसी को सौंपने की तैयारी

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पीजीआई अपनी 3 कैंटीन और कैफेटेरिया इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) को सौंपने की तैयारी कर रहा है। अब तक ये कैंटीन निजी ठेकेदार चला रहे हैं। यह कदम खाने की क्वालिटी, साफ-सफाई और मरीजों से ओवरचार्जिंग रोकने के लिए उठाया गया है। लेकिन इसमें न्यू ओपीडी की कैंटीन शामिल नहीं है, जहां ओवरचार्जिंग की शिकायत सबसे ज्यादा है।

पीजीआई के डिप्टी डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन पंकज राय ने बताया- इंस्टीट्यूट के 70 साल के इतिहास में पहली बार किसी सार्वजनिक क्षेत्र की संस्था को कैंटीन संचालन की जिम्मेदारी दी जा रही है। यह पायलट प्रोजेक्ट होगा। निजी और सरकारी संचालन में फर्क देखा जाएगा। अगर सब संतोषजनक रहा तो कैंटीन आईआरसीटीसी को दी जाएगी। जल्द ही ही एमओयू साइन किया जाएगा। आईआरसीटीसी की छवि साफ-सुथरी और क्वालिटी सर्विसेज देने वाली संस्था की है, इसलिए उसे चुना गया है।

मौलिक गुप्ता

मौलिक गुप्ता एक प्रतिभाशाली और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 8 वर्षों से एंटरटेनमेंट और ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर आकर्षक और ताज़ा खबरें लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ बॉलीवुड, टीवी, सेलिब्रिटी अपडेट्स, वायरल ट्रेंड्स और सोशल मीडिया की हलचल को कवर करती हैं, जो पाठकों को मनोरंजन की दुनिया से जोड़े रखती हैं। मौलिक का लेखन शैली जीवंत, रोचक और समयानुकूल है, जो युवा और विविध पाठकों को आकर्षित करता है। वे Haryananewspost.com न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय हैं, जहाँ उनके लेख ट्रेंडिंग विषयों पर गहरी अंतर्दृष्टि और मनोरंजक जानकारी प्रदान करते हैं।

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