Pink parking will start for women in Chandigarh, people will get smart parking solution: बढ़ती गाड़ियां और इनकी पार्किंग के लिए जगह कम होना, चंडीगढ़ की बड़ी समस्या बनता जा रहा है। शहर में 89 पेड पार्किंग हैं, लेकिन मिसमैनेजमेंट के चलते ये कभी स्मार्ट नहीं बन सकीं। अब नगर निगम इनको स्मार्ट नहीं बल्कि एआई स्मार्ट पार्किंग बनाने की कोशिश में है।
स्मार्ट पार्किंग सॉल्यूशन प्रोजेक्ट के लिए एक कमेटी काउंसलर सौरभ जोशी की अध्यक्षता में बनाई गई है, जिसकी शनिवार को मीटिंग हुईं। पार्किंग का मॉड्यूल क्या होगा, ओवरऑल स्कोप ऑफ वर्क, हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के साथ ही बिडर्स के टेक्निकल क्राइटेरिया पर बातचीत हुई। एसएलए पेनल्टी और रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल की कंडीशन की वॉयलेशन, टेक्निकल ऑडिट ऑफ आईटी टूल को रिव्यू किया गया। कुछ इनोवेटिव आइडिया कमेटी के सामने आए हैं।
Chandigarh: एआई स्मार्ट पार्किंग में ये फीचर देने की प्लानिंग
एंट्री पर सिर्फ स्लिपः पेड पार्किंग में एंट्री के वक्त भीड़ न लगे इसलिए यहां बटन दबाकर गाड़ी वालों को एक स्लिप दी जाएगी। स्लिप में एंट्री टाइम दर्ज होगा, जिसके आधार पर पार्किंग चार्जेज लगेंगे। ऐसे प्रीमियम सर्विस की डिमांड रहती है।
प्रीमियम वैले सर्विसः कुछ लोगों की लोगों के लिए प्रीमियम वैले पार्किंग की फैसेलिटी रहेगी। इसके लिए लोगों को पहले ऑप्शन देना होगा। सर्विस के लिए चार्जेज भी ज्यादा रहेंगे।
पिंक पार्किंग में क्या होगा खास?
हर पार्किंग में कुछ एरिया के लिए डेडिकेटेड स्पेस होगा जहां वह गाड़ी पार्क कर सकेंगी। इसमें पिंक कलर से ही मार्किंग होगी। दूसरी गाड़ियों को यहां पार्क पिंक पार्किंग का रहेगा। पिंक पार्किंग जोन में पैनिक बटन भी रहेगा, ताकि इमरजेंसी में हेल्प मिल सके।
कैशलेस ट्रांजेक्शन, प्रीपेड कार्ड, 5 प्वाइंट्स प अवॉर्ड्स सिस्टमः ज्यादा से ज्यादा कैशलेस काम हो इसके लिए स्मार्ट कार्ड, फास्ट टैग वाला कॉन्सेप्ट लागू होगा। इसमें ऑनलाइन चार्जेज देने पर प्वाइंट्स और अवॉर्ड सिस्टम लागू होगा। इसमें कुछ ट्रांजेक्शन के बाद एक-दो बार पार्किंग फ्री में मिलेगी। इसके लिए अभी भी पार्किंग में लाइनें ही लगती रहीं, वही पुराने सिस्टम से पर्ची कटती रही तो इसका कोई फायदा नहीं है। सिर्फ स्मार्ट पार्किंग नहीं बल्कि
प्रीपेड कार्ड भी जारी किए जाएंगे।
टेक्नोलॉजी, सर्वर रूम: पार्किंग के लिए मॉडर्न टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की जाएगी। रियल टाइम पर पता चलेगा पार्किंग में कितनी गाड़ियां खड़ी हैं। कितनी ट्रांजेक्शन हुई, कितनी सेल हुई ये सारी जानकारी ऑनलाइन मोड में निगम के पास रहेगी।
डायनेमिक प्रोसेसः कुछ पार्किंग जैसे 7 बैंक स्क्वेयर व बाकी शाम 5 बजे के बाद खाली हो जाती हैं। इनके चार्जेज इसी तरह से तय किए जाएंगे कि जिस वक्त पार्किंग खाली रहती है उस वक्त चार्जेज कम लगें। साथ ही पैदल चलने के लिए भी लोगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। 9 अंडरग्राउंड मल्टी लेवल पार्किंग बनाने की सिफारिश है। प्रोजेक्ट को एआई स्मार्ट पार्किंग के कॉन्सेप्ट पर लागू करना है, जिसमें टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से पार्किंग की मेंटेनेंस बेहतर तरीके से हो।













