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Raksha Bandhan Special: हरियाणा के इस गांव में नहीं मनाया जाता रक्षाबंधन, जानिए सदियों पुरानी वजह

On: अगस्त 8, 2025 3:28 अपराह्न
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Raksha Bandhan Special: हरियाणा के इस गांव में नहीं मनाया जाता रक्षाबंधन, जानिए सदियों पुरानी वजह
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Raksha Bandhan Special: Raksha Bandhan is not celebrated in this village of Haryana, know the centuries old reason: (Raksha Bandhan Special) भारत में भाई-बहन के रिश्ते को समर्पित सबसे भावनात्मक त्योहारों में से एक है। लेकिन हरियाणा के कैथल जिले का सिरसल गांव इस दिन को उत्सव नहीं, बल्कि शोक के रूप में याद करता है। यहां रक्षाबंधन का त्योहार नहीं मनाया जाता, और इसके पीछे एक दिल दहला देने वाली ऐतिहासिक घटना है।

गांव के बुजुर्गों के अनुसार, मुगल काल में जब (Aurangzeb) का शासन था, तब सिरसल गांव की एक सुंदर घोड़ी की चर्चा पूरे इलाके में थी। औरंगजेब ने उस घोड़ी को पाने के लिए गांववालों को दरबार में बुलाया और बदले में धन-संपत्ति देने की पेशकश की। लेकिन ग्रामीणों ने प्रस्ताव ठुकरा दिया। इससे नाराज होकर औरंगजेब ने रक्षाबंधन के दिन ही दरबार में पहुंचे ग्रामीणों की हत्या करवा दी। (Raksha Bandhan Mughal story) आज भी गांव की स्मृति में जीवित है।

सिरसल गांव की परंपरा: रक्षाबंधन नहीं, मातम का दिन Raksha Bandhan Special

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इस घटना के बाद सिरसल गांव में रक्षाबंधन को त्योहार की तरह नहीं मनाया जाता। खासकर शांडिल्य और टुरण गोत्र के लोग इस दिन कोई उत्सव नहीं करते। उनका मानना है कि इस दिन उनके पूर्वजों की हत्या हुई थी, इसलिए वे इसे खुशी के रूप में नहीं मना सकते।

हालांकि गांव की अन्य जातियों द्वारा यह त्योहार मनाया जाता है, लेकिन जिन गोत्रों से मारे गए लोग थे, वे आज भी इस परंपरा को निभा रहे हैं। (Raksha Bandhan tradition) यहां एक भावनात्मक और ऐतिहासिक विरासत बन चुकी है।

बदलते विचार: नई पीढ़ी की सोच

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गांव में कुछ युवा अब इस परंपरा को बदलने की बात कर रहे हैं। उनका मानना है कि इतिहास को याद रखना जरूरी है, लेकिन उससे बंधे रहना नहीं। वे कहते हैं कि अब समय बदल चुका है, और सभी को आगे बढ़ने का अधिकार है। कुछ लोग अब रक्षाबंधन मनाने लगे हैं, लेकिन बहुसंख्यक लोग अभी भी इस दिन को मातम के रूप में ही देखते हैं।

(Raksha Bandhan emotional story) सिरसल गांव की यह परंपरा हमें यह सिखाती है कि त्योहार सिर्फ उत्सव नहीं होते, वे इतिहास और भावनाओं से भी जुड़े होते हैं।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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